मुंबई : मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के ‘लेटर बम’ के बाद महाराष्ट्र सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। भारतीय जनता पार्टी लगातार इस मामले में उद्धव ठाकरे सरकार पर हमला बोल रही है। गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगे 100 करोड़ रुपये की वसूली के आरोपों के बीच बीजेपी ने मांग की है कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री का नार्को टेस्ट किया जाए। बीजेपी का कहना है कि अगर दोनों नेता झूठ नहीं बोल रहे तो उनहें इस टेस्ट से गुजरना चाहिए ताकि सच सामने आ सके।
बीजेपी नेता राम कदम ने सोमवार को कहा- ‘उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख आखिर क्यों नार्को टेस्ट नहीं करवा रहे हैं। अगर वे सच बोल रहे हैं तो टेस्ट करवाने में क्या दिक्कत है। यहां तक कि माता सीता को भी अग्निपरीक्षा से गुजरना पड़ा था तो ये दोनों नेता ऐसा क्यों नहीं कर सकते?’ राम कदम ने कहा कि परमबीर सिंह ने अपना ट्रांसफर किए जाने के बाद सीएम ऑफिस को चिट्ठी लिखकर गृह मंत्री पर बड़े आरोप लगाए हैं। ऐसे में हमें यह जानने का हक है कि इसके पीछे उनका क्या मकसद है। क्या उनके ऊपर कोई राजनीतिक दबाव था?
दूसरी ओर, बीजेपी की सहयोगी रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष रामदास आठवले ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में आठवले ने कहा है कि वर्तमान सरकार महाराष्ट्र को जला रही है, उसकी अस्मिता को तोड़ रही है, महाराष्ट्र का मुंह काला कर रही है। इसलिए यहां पर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए।
इससे पहले सोमवार सुबह प्रेस कॉफ्रेन्स कर एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगे आरोपों का बचाव किया। पवार ने कहा कि 5 से 15 फरवरी के बीच अनिल देशमुख कोरोना होने के कारण अस्पताल में भर्ती थे, इसलिए उनके सस्पेंड पुलिसकर्मी सचिन वझे से मिलने का सवाल ही नहीं। पवार ने देशमुख के अस्पताल में भर्ती होने का पर्चा भी दिखाया। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते 5 से 15 तक वह नागपुर के अस्पताल में भर्ती थे। उसके बाद 16 फरवरी से 27 फरवरी तक वह होम आइसोलेट थे। उन्होंने कहा कि यह साफ है कि आरोप गलत हैं, ऐसे में अनिल देशमुख के इस्तीफे का सवाल नहीं उठता। परमबीर सिंह के आरोपों से महाविकास अघाडी सरकार पर कुछ असर नहीं पड़ेगा।
दरअसल, दो दिन पहले शनिवार को मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने एक पत्र जारी कर गृह मंत्री अनिल देशमुख पर कई बड़े सनसनीखेज आरोप लगाए थे। पत्र में सिंह ने दावा किया था कि मुकेश अंबानी के घर के बाहर जिलेटिन से भरी स्कॉर्पियो मिलने की मामले में सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मी को देशमुख का संरक्षण प्राप्त है। वझे को देशमुख ने मुंबई के बीयर बारों और रेस्तराओं से हर महीने 100 करोड़ रुपये वसूलने का टारगेट दिया था। परमबीर के मुताबिक, सचिन वझे ने खुद यह बात उनको बताई थी। परमबीर सिंह के इस खुलासे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है।





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