मुंबई: महाराष्ट्र में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह के जरिए तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख पर मुंबई के बार और रेस्टोरेंट मालिकों से वसूली करवाने के आरोप के बाद से ही अनिल देशमुख के सितारे गर्दिश में है. प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल देशमुख और अनिल देशमुख के करीबियों के घर और ठिकानों पर छापेमारी की. छापेमारी के बाद अनिल देशमुख के पीए कुंदन शिंदे और पीएस संजीव पलांडे को ED अधिकारी अपने साथ ईडी दफ्तर ले गए. पूछताछ के बाद कुंदन शिंदे और संजीव पलांडे को गिरफ्तार कर लिया गया. अनिल देशमुख को शनिवार के दिन समन दिया गया था लेकिन देशमुख ED दफ्तर नहीं आए और ED से समय मांगा.
वहीं कुंदन शिंदे और संजीव पलांडे को ED अदालत में पेश करने के दौरान ED ने अनिल देशमुख पर बेहद गंभीर आरोप लगाए. ईडी की ओर से कहा गया है कि यह मामला मुंबई के बार मालिकों से पैसे लेने और ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए पैसे लेने का है. कुल 4.70 करोड़ रुपयों के वसूली का मामला है. कई बार मालिकों के बयान को ईडी ने रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने कहा कि दिसंबर 2020 में सचिन वाजे ने उनसे संपर्क साधा और बार मालिकों से 40 लाख रुपये लिए, जिसे वो लोग गुड लक मनी कहते थे. उस समय सचिन वाजे CIU (क्राइम ब्रांच) के हेड थे.
जनवरी और फरवरी 2021 में मुंबई के जोन 1 से जोन 6 में आने वाले ऑरकेस्ट्रा बार मालिकों ने 1.64 करोड़ रुपये दिए. जोन 7 से जोन 12 के अंतर्गत आने वाले ऑरकेस्ट्रा बार मालिकों ने 2.74 करोड़ रुपये दिए. सचिन वाजे ने अपने बयान में बताया कि जो 4.70 करोड़ रुपये उसने इन बार मालिकों से इकट्ठा किए, वो उन्होंने अनिल देशमुख के कहने पर उनके पीए कुंदन शिंदे को दिया. इसके अलावा दो पुलिस अधिकारियों ने अपने बयान में बताया कि संजीव पलांडे भी इस पूरे मामले शामिल हैं.
अधिकारियों का कहना है कि सचिन वाजे ने उन्हें बताया कि यह पैसे उन्होंने संजीव पलांडे के कहने पर बार मालिकों से जमा किया. जो 4.70 करोड़ रुपये हैं, वो नागपुर से दिल्ली हवाला से गया और दोबारा ट्रस्ट में लौटा है, जिसे अनिल देशमुख का परिवार चलाता है. ट्रस्ट का नाम श्री साईं संस्था है. इस ट्रस्ट में कुंदन शिंदे भी एक मेंबर हैं. ED इस बात की जांच करना चाहती हैं कि शिंदे और पलांडे को कितने पैसे मिले? साथ ही जो पैसे आए हैं, उसके मनी ट्रेल की भी जांच की जानी है.
कुंदन शिंदे ने अनिल देशमुख के कहने पर कैश में पैसे जमा किए और उसे इस पैसे को मनी लॉन्ड्रिंग करने में मदद की. संजीव पलांडे पुलिस ट्रांसफर में दखलअंदाजी करता था और पोस्टिंग के लिए पैसे लेता था. ED को पता लगाना है कि यह सारे पैसे कहां हैं और इसका मनी ट्रेल क्या है? कुंदन शिंदे और संजीव पलांडे के वकीलो ने ED कोर्ट में कहा की यह पूरा मामला राजनीतिक है और राजनीति की बड़ी मछली को पकड़ने के लिए इन आरोपियों को चारे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है. अगर पूछताछ ही करनी थी तो समन देकर बुलाया जा सकता था, लेकिन ईडी ने सीधे घर पर छापेमारी की और हमें वहीं समन थमाए. देर रात हमारी गिरफ्तारी कर ली.
ईडी की जांच में अनिल देशमुख के साथ-साथ अब अनिल देशमुख के बेटे ऋषिकेश देशमुख पर भी ईडी के जांच की तलवार लटक रही है. मनी लॉन्ड्रिंग के तहत अनिल देशमुख और उनके सहयोगियों पर केस दर्ज कर जांच करने वाली ईडी को सिर्फ अनिल देशमुख ही नहीं बल्कि उनके परिवार के खिलाफ कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं. ईडी की जांच में अनिल देशमुख के साथ-साथ अब अनिल देशमुख के बेटे ऋषिकेश देशमुख पर भी ईडी जांच की तलवार लटक रही है.
ईडी को ऐसी 11 कंपनियों के बारे में पता चला है जो कि अनिल देशमुख के परिवार के सीधे कंट्रोल में है. साथ ही 13 ऐसी कंपनियां हैं जो अनिल देशमुख के परिवार से जुड़े लोगों के जरिए चलाई जाती है लेकिन इन डायरेक्टली अनिल देशमुख का परिवार उस पर कंट्रोल करता है. ईडी की जांच में ये बात सामने आई है कि इन कंपनियों के बीच में लगातार लेनदेन हुए हैं.





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