महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 28 जुलाई तक बारिश से राहत मिलने की खबर है. मौसम विभाग (IMD) ने यह अनुमान जताया है. इस वजह से बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत और मदद कार्य करने में आसानी होगी और स्थानीय लोगों के एक बार फिर अपनी ज़िंदगी पटरी में लाने का वक़्त मिल सकेगा. लेकिन कोंकण, पालघर, ठाणे जिलों में राहत नहीं है. यहां अभी भी मूसलाधार बरसात होने का अनुमान जताया गया है.
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 28 जुलाई के बाद महाराष्ट्र में एक बार फिर मॉनसून सक्रिय हो जाएगा. 28 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर कम दबाव का क्षेत्र तैयार होने की संभावना है. फिलहाल महाराष्ट्र से कम दबाव की पट्टी कर्नाटक की ओर खिसक गई है. इस वजह से राज्य में बारिश का जोर कम हो जाएगा. लेकिन ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरि, पुणे, सिंधुदुर्ग, धुले, नंदुरबार, नासिक जिलों में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. इस वजह से इन जिलों में अब भी सावधान रहने की ज़रूरत है.
राज्य में जून से जुलाई के दो महीनों में औसत से 34 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है. दक्षिण भारत से सर्वाधिक बरसात होने के बावजूद मध्य भारत में सिर्फ महाराष्ट्र ही ऐसा राज्य है जहां औसत से इतनी अधिक बरसात हुई है.
कहां औसत से अधिक बरसात हुई है, अगर हम इस सवाल की बात करें तो पहाड़ी इलाकों में होने वाली बारिश की वजह से पुणे में 519 प्रतिशत, सांगली में 572 प्रतिशत, सातारा में 716 प्रतिशत औसत से अधिक बरसात हुई है. कोल्हापुर में औसत से सबसे ज्यादा यानी 993 प्रतिशत अधिक बरसात हुई है. महाबलेश्वर में शुक्रवार को सुबह के रिकॉर्ड के मुताबिक 24 घंटे में 594 मिलीमीटर बरसात हुई है. यह अब तक 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश होने का रिकॉर्ड है. इससे पहले 1977 में जुलाई महीनेे में 24 घंटे में 439 मिली मीटर बरसात रिकॉर्ड किया गया था.





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