मुंबई, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आदेशों के बाद मनपा ने मुंबई क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के साथ ही उन पर कार्रवाई की योजना बनाई है। मनपा ने अवैध निर्माणों पर लगाम कसने के लिए अपनी तकनीकी क्षमता को और भी चुस्त-दुरुस्त (अपडेट) करने का निर्णय लिया है। अब तक जियोग्रॉफिकल इनफॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) प्रणाली के साथ-साथ अवैध निर्माण पर निगरानी रखनेवाली मनपा अब टू-डी मैपिंग प्रणाली का उपयोग भी करेगी। इससे अवैध निर्माणों के तलाश में काफी आसानी होगी। या यूं कहें कि अवैध निर्माणवालों पर टू-डी का चाबुक चलेगा।
सेटेलाइट से रिक्त स्थानों का टू-डी मैप बनेगा। प्रत्येक खुले क्षेत्र पर मनपा की नजर होगी। इसके लिए मनपा एक सॉफ्टवेयर खरीदेगी, जिसके लिए ११ करोड़ २० लाख रुपए खर्च होंगे। मनपा के सूचना एवं तकनीकी विभाग ने इस संदर्भ में एक प्रस्ताव स्टैंडिंग कमिटी में पेश किया है। आगामी गुरुवार को इस संदर्भ में प्रस्ताव होने के साथ ही मनपा काम शुरू कर देगी।
बता दें कि पिछले ३० वर्षों में मुंबई में जो अतिक्रमण हुए हैं, उनकी मूल एवं मौजूदा स्थिति की तुलना कर एक डेटाबेस बनाने के लिए मनपा इन सेटेलाइट सिस्टम का उपयोग करेगी। फोटो, मैप, वीडियो आदि को मनपा जमा करेगी, जिसके बाद अवैध निर्माण का पता लगाने के लिए एक डेटाबेस तैयार हो जाएगा, जिसके आधार पर मनपा एक तो अवैध निर्माण पर रोक लगा पाएगी तो दूसरी तरफ मनपा की जगह सुरक्षित रहेगी।
अवैध निर्माण को लेकर वर्ष २०१८ में मनपा को मुंबई हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था और हाल ही में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी मनपा के अधिकारियों की बैठक लेकर अवैध निर्माण पर रोक लगाने को कहा था। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माणों करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया था।





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