मुंबई : महाराष्ट्र के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सीताराम कुंटे ने कथित तौर पर कहा है कि तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख अपनी पसंद के पुलिस अधिकारियों के तबादले के लिए पत्र भेजा करते थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने श्री कुंटे का बयान दर्ज किया था, जिसका उल्लेख श्री देशमुख और उनके दो बेटों हृषिकेश और सलिल के खिलाफ विशेष अदालत में दायर 100 करोड़ रुपये के धन शोधन मामले में पूरक आरोप पत्र में किया गया था, पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यहां इसकी पुष्टि की।
श्री कुंटे ने बयान में आगे कहा कि वह उनके अधीन काम कर रहे थे और श्री देशमुख उनके बॉस थे, इसलिए, वह उनके निर्देश का पालन करने से इनकार नहीं कर सकते थे। वह जो पत्र भेजते थे उसमें कहां स्थानांतरण करना है और किस पद पर करना है या अन्य विवरणों से संबंधित होते थे। इस बयान के चलते अब आईपीएस अधिकारी समेत 12 पुलिस अधिकारी ईडी के निशाने पर हैं। ऐसा ही बयान तत्कालीन पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह भी दर्ज कराया था।
हालांकि, देशमुख ने कहा है कि उन्हें उक्त सूची महाराष्ट्र के एक कैबिनेट मंत्री ने दी थी। सिंह ने कहा था कि कैबिनेट मंत्री देशमुख सह्याद्री गेस्ट हाउस में उनसे मिलते थे, जहां उन्हें स्थानांतरण और पोस्टिंग के लिए अधिकारियों की सूची दी गई थी। परमबीर सिंह ने 10 पुलिस उपायुक्त के तबादले का आदेश जारी किया था जिसे देशमुख और परिवहन मंत्री अनिल परब ने रोक दिया था। पूरक आरोप पत्र, जिसमें 7,000 से अधिक पृष्ठ थे, पिछले महीने विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष दायर किया गया था।





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