मुंबई। बेस्ट उपक्रम को निजीकरण किए जाने के विरोध में बेस्ट कर्मचारियों का सोमवार से सभी डेपो पर धरना अंदोलन करने का निर्णय लिया है। बेस्ट कर्मचारियों ने बुधवार को वडाला डिपो पर आंदोलन किया गया। बेस्ट कर्मचारियों का कहना है की बेस्ट उपक्रम को निजीकरण नहीं किया जाना है तो कम से कम बेस्ट उपक्रम में अभी रही कुल 3337 खुद की बसों का रहना अनिवार्य होना चाहिए। बेस्ट उपक्रम खुद की बसों को कम कर भाड़े की बस लेने की तरजीह दी गई तो बेस्ट का निजीकरण तय माना जाएगा। बेस्ट कर्मचारी इसको सहन नहीं करेंगे जिसके चलते बेस्ट कर्मचारी अपंने आंदोलन को और तेज करेंगे। बुधवार को वडाला डिपो पर किया गया आंदोलन सिर्फ एक चेतवानी देने भर के लिए था इस तरह की जानकरी यूनियन नेता शशांक राव ने दी।उन्होंने कहा की निजीकरण का विरोध करते हुए कर्मचारियों की विंभिन्न मांगो को लेकर आंदोलन और तेज किया जायेगा। उन्होंने कहा प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए सोमवार से बेस्ट एंटरप्राइज के प्रत्येक बस डिपो के प्रवेश द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। शशांक राव ने कहा कि उल्लेखनीय है कि इस आंदोलन में मुंबईकर और कर्मचारियों के परिवार शामिल होंगे।
2019 में एक समझौता हुआ कि बेस्ट के स्वामित्व वाली 3,337 बसें बेस्ट बेड़े में स्थायी तौर पर होंगी। लेकिन वर्तमान में केवल 1,800 बेस्ट बसें हैं और निजी बसों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। बेस्ट उपक्रम किसी एक पार्टी के लिए नहीं बल्कि कर्मचारियों और मुंबईवासियों के लिए है। इसलिए, बेस्ट पहल के आंदोलन में कर्मचारियों और मुंबईकरों के परिवारों की भागीदारी के लिए सोमवार से बस डिपो के बाहर आंदोलन किया गया।





Users Today : 52
Users Yesterday : 18
Users Last 7 days : 395
Users Last 30 days : 884
Users This Month : 342
Users This Year : 9292
Total Users : 70499
Views Today : 64
Views Yesterday : 29
Views Last 7 days : 540
Views Last 30 days : 1144
Views This Month : 467
Views This Year : 10504
Total views : 106527
Who's Online : 0


