मुंबई, एक सेशन कोर्ट ने केईएम अस्पताल के एक डॉक्टर को तीन बार थप्पड़ मारने वाली महिला मरीज को दोषी ठहराने के बाद रिहा कर दिया है. अदालत ने 54 साल की आरोपी महिला एफएस शेख को छह महीने के लिए 10,000 रुपये के बांड पर रिहा कर दिया. आरोप है कि रिपोर्ट का इंतजार कर रही महिला ओटी में घुस गई थी और एक सर्जरी को भी रोकने की मांग करने लगी.
डॉक्टर के अनुसार सर्जरी करने के बाद जब वह वापस लौटा और महिला से पूछा तो उसने थप्पड़ मारना शुरू कर दिए. महिला पर 2015 में विशेष 2010 कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था, जो डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा और अस्पतालों को नुकसान पहुंचाने पर रोक लगाता है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी वी वाघ ने उन्हें भारतीय दंड संहिता और महाराष्ट्र चिकित्सा सेवा व्यक्तियों और चिकित्सा सेवा संस्थान अधिनियम (हिंसा और क्षति या संपत्ति के नुकसान की रोकथाम) अधिनियम के तहत अपराध के लिए दोषी पाया.
24 जनवरी के फैसले में कहा गया कि दोनों के बीच झगड़ा रिपोर्ट के लिए लंबे इंतजार के कारण हुआ. हालांकि महिला का कदम बिल्कुल भी सही नहीं था. लेकिन इस मामले में जेल की सजा नहीं दी जा सकती है. दोषी ठहराए जाने के बाद महिला ने अपनी उम्र, बेगुनाही और इस तथ्य का हवाला देते हुए नरमी बरतने मांगी की कि उसके पोते-पोतियां हैं और उसे झूठा फंसाया गया है. उसके वकील जमाल खान ने कहा कि डॉक्टर ने उनसे सही से बात नहीं की. उन्होंने कहा कि असली हमलावर एक अन्य महिला रोगी थी, जिसके साथ उसका मरीज भी था. उन्होंने कहा कि अभियोजन ने उस महिला से पूछताछ नहीं की थी.





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