मुंबई, डायरिया से बच्चों की होनेवाली मौतों को लेकर मनपा का स्वास्थ्य विभाग गंभीर हो गया है। इसके तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर शून्य से पांच साल तक के बच्चों को ओआरएस पाउडर और जिंक की गोलियां दे रहे हैं। १ से १५ जुलाई तक चलनेवाले राष्ट्रीय डायरिया कंट्रोल कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग का मुंबई में इस बीमारी से बच्चों की मौत को जीरो तक लाने का उद्देश्य है। मनपा ने इस मुहिम में जनता से सहयोग करने की अपील की है।
मनपा की कार्यकारी अधिकारी डॉ. मंगला गोमारे ने कहा कि राष्ट्रीय डायरिया कंट्रोल अभियान के तहत शून्य से पांच साल के बालकों में ओआरएस और जिंक की गोलियां बांटी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य इस आयु वर्ग के बच्चों की होनेवाली मौतों को रोकना है। डॉ. गोमारे ने कहा कि घर-घर जा रहे स्वास्थ्यकर्मी अभिभावकों को बच्चों में जुलाब से संबंधित कोई शिकायत दिखाई देने पर ओआरएस के उपयोग की जानकारी भी दे रहे हैं। इतना ही नहीं, इस बीच स्वास्थ्यकर्मी बच्चों में डायरिया की शिकायत मिलने पर ओआरएस और जिंक की गोलियां भी दे रहे हैं। संयुक्त कार्यकारी अधिकारी डॉ. दक्षा शाह ने कहा कि डायरिया पखवाड़े में ओआरएस व जिंक के महत्व, स्तनपान शुरू रखने, दस्त को रोकने के लिए हाथ की स्वच्छता के महत्व और शौच को ठिकाने लगाने के लिए शौचालयों का सही उपयोग करने सहित कई जानकारियां दी जा रही हैं। सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में हाथ धोने के सही तरीकों को सिखाया जा रहा है।





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