मुंबई, देश में सार्वजनिक क्षेत्र के इस समय कुल १२ बैंक हैं। दो बैंकों के निजीकरण का एलान पहले ही किया जा चुका है। इस बीच आर्थिक जानकारों की राय है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को छोड़कर सभी सरकारी बैंकों का निजीकरण कर देना चाहिए। यह रिपोर्ट देश के दो दिग्गज आर्थिक जानकारों ने तैयार की है। इस पॉलिसी पेपर को मोदी सरकार ने तैयार करवाई है। इसे तैयार किया है पीएम मोदी के आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य पूनम गुप्ता और नीति आयोग के पूर्व वाइस चेयरमैन प्रो. अरविंद पनगढ़िया ने।
इंडियन इकोनॉमिक फ्रेमवर्क और पॉलिटिकल इथॉस के आधार पर सरकार के पास कम से कम एक पब्लिक सेक्टर बैंक का होना जरूरी है। ऐसे में एसबीआई को छोड़कर सभी सरकारी बैंकों का निजीकरण कर देने की सलाह दी गई है। आनेवाले समय में अगर स्थितियां बदलीं तो एसबीआई का भी निजीकरण किया जा सकता है। निजी बैंकों का ऑपरेशन सरकारी बैंकों से अच्छा है। यदि सरकारी बैंकों का निजीकरण कर दिया जाए तो इनके कामकाज में सुधार होगा। सरकारी बैंकों के प्रदर्शन की बात करें तो असेट्स और इक्विटी के आधार पर इनका प्रदर्शन निजी बैंकों से कमजोर है। डिपॉजिट और लोन एडवांस, दोनों मामलों में प्राइवेट बैंक आगे निकल गए हैं। ऐसा नहीं है कि इन बैंकों की qqqqqqqqqसेहत में सुधार के लिए उपाय नहीं किए गए हैं। लगातार सहायत दी गई, इसके बावजूद प्रदर्शन पर असर नहीं हुआ है।





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