Home Maharashtra ‘वंदे मातरम’ की जगह एक वैकल्पिक शब्द की मांग – रजा अकादमी

‘वंदे मातरम’ की जगह एक वैकल्पिक शब्द की मांग – रजा अकादमी

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मुंबई, कैबिनेट के विस्तार के बाद सांस्कृतिक विभाग के मंत्री बनते ही सुधीर मुनगंटीवार ने सरकारी कार्यालय के फोन पर ‘हैलो’ के बजाय ‘वंदे मातरम’ बोलने का फरमान निकाला है लेकिन उनके इस आदेश से एक नया विवाद खड़ा हो गया है। रजा अकादमी ने इस आदेश का विरोध करते हुए ‘वंदे मातरम’ की जगह एक वैकल्पिक शब्द की मांग की है, वहीं पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने मुनगंटीवार की आलोचना करते हुए कहा है कि इस देश में आजादी है, किसी पर जबरदस्ती न करें।
सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार द्वारा घोषित फैसले का रजा अकादमी के अध्यक्ष सईद नुसरी ने विरोध करते हुए कहा है कि हमारे में सिर्फ अल्लाह की पूजा की जाती है इसलिए ‘वंदे मातरम’ नहीं कहेंगे। उन्होंने कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ उलेमा और अन्य लोगों के साथ चर्चा कर मार्ग निकालने के लिए सरकार को पत्र लिखेंगे। इसी तरह एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने भी इस फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्थानी संस्कृति में नमस्कार होता है, कई लोग कहते हैं ‘जय भीम’, पुलिस वाले ‘जय हिंद’ कहते हैं, कुछ कहते हैं ‘सतश्री अकाल’, इस देश में आजादी है। लोगों को खुलकर सांस लेने दें। वह भी क्या अब आप से पूछ कर करना पड़ेगा क्या? इस तरह का सवाल उन्होंने किया। आपको सुधीर मुनगंटीवार कहा जाए। सुधीर मुनगंटीवार जी कहा जाए, सुधीर जी मुनगंटीवार या सुधीरभाऊ कहलाना चाहते हैं, वह भी घोषित कर दें। महाराष्ट्र में हमें अभी से ‘इस-इस’ नाम से बुलाया जाए। इस तरह की आलोचना आव्हाड ने की।