मुंबई, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मनपा ने एक नई योजना बनाई है। मनपा क्षेत्र के श्मशान भूमि में शवों के दहन के लिए मनपा अब तक लकड़ी मुफ्त देती थी, लेकिन अब बायोमास ईंट मुफ्त देगी। यह भी एक प्रकार से लकड़ी के चूर्ण, गोबर, घास आदि को मिलाकर बना होता है। इससे वृक्षों की कटाई पर नियंत्रण होगा और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी, ऐसा दावा करते हुए मनपा ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आगामी अक्टूबर से १४ श्मशान भूमि में बायोमास र्इंट का उपयोग शव दहन के लिए करने का निर्णय लिया है।
वर्ष २००८ से मुंबई मनपा ने शवों के दहन के लिए २५० किलोग्राम लकड़ी मुफ्त उपलब्ध कराने का निर्णय लिया था। तब लकड़ी सप्लाई के लिए एक ठेकेदार की नियुक्ति की गई थी। उस ठेकेदार का कार्यकाल अवधि २६ दिसंबर, २०२२ तक है। इसलिए विकल्प में मनपा ने अब २५० किलो बायोमास ईंट की आपूर्ति करने की तैयारी में है। मनपा को यह ईंट १० रुपए ६० पैसे प्रति किलो की दर से कंपनी आपूर्ति करेगी और मनपा को प्रति शव के लिए २५० किलो बायोमास ईंट के बदले २ हजार ३४२ रुपए का भुगतान करना होगा। मनपा की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंगला गोमरे ने इस बात की पुष्टि की कि इससे संबंधित प्रस्ताव पास हो गया है।
आमतौर पर श्मशान भूमि में एक शवदाह के लिए २५० किलो लकड़ी लगती है। यह मुफ्त मिलती है, इससे अधिक यदि लगी तो अभिभावकों को अतिरिक्त रकम देकर लकड़ी खरीदनी पड़ती है। मनपा ने लकड़ी के लिए पेड़ों की कटाई पर नियंत्रण लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए यह बायोमास ईंट खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके अतिरिक्त कुछ श्मशान घाटों में बिजली और पीएनजी आधारित दाह संस्कार की सुविधा भी प्रदान की गई है। ताकि पर्यावरण संरक्षण को बल मिले।
यह पेड़ की छंटाई से मिले टुकड़े, गिरी हुई शाखाओं एवं पत्तियों, सूखे पेड़ के तने, घास, गोबर आदि से बनाए जा रहे हैं। इसे एक ईंट के आकार में प्रेसर से कम्प्रेस किया जाता है, जो आसानी से उठाया और हटाया जा सकता है।





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