मुंबई,पिछले कुछ दिनों से प्याज की कीमत में बढ़ोतरी के कारण इसकी मांग कुछ हद तक कम हो गई थी। इस बीच बुधवार से बाजार में प्याज की आवक बढ़ गई है। इसलिए गुरुवार को थोक बाजार में प्याज की कीमत में आठ से दस रुपए प्रति किलो की गिरावट आई है। वाशी के थोक बाजार में मंगलवार तक प्याज की कीमतें ५५ रुपए से ५८ रुपए तक थीं। बुधवार से प्याज की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है। इसको लेकर राकांपा विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया है कि सरकार ने प्याज के निर्यात का मूल्य बढ़ाकर प्याज का निर्यात कम कर दिया है, जिसके कारण प्याज की कीमतें भी कम कर दी हैं।
रोहित पवार ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार प्याज उत्पादक किसानों के साथ में खड़ी है क्या? इसमें संदेह है। उन्होंने कहा कि जब किसान पहले से ही सूखे से जूझ रहे थे तो शुरू में प्याज के निर्यात पर ४० प्रतिशत निर्यात शुल्क लगाया गया। इसके खिलाफ आक्रोश के बाद ३ लाख मीट्रिक टन की मामूली प्याज खरीदकर किसानों को लॉलीपाप दिखाया गया और अब, जब प्याज के भाव में किसानों को ४ पैसे मिल रहे हैं तो प्याज निर्यात पर न्यूनतम निर्यात मूल्य ८०० डॉलर लगा दिया गया है। केंद्र सरकार की प्याज निर्यात नीति के कारण प्याज की कीमत में कम से कम औसतन डेढ़ हजार रुपए की गिरावट आई है। ऐन दिवाली पर किसानों की आंखों में पानी लाने का पाप यह सरकार कर रही है। इसलिए मेरा सरकार से अनुरोध है कि यदि सरकार को किसानों की थोड़ी-सी भी परवाह है तो उसे तुरंत इस न्यूनतम निर्यात मूल्य को वापस लेना चाहिए और यदि राज्य के आम आदमी के लिए सरकार को समय है तो राज्य सरकार को केंद्र से भी इसके लिए प्रयास करना चाहिए।





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