मुंबई: महाराष्ट्र राज्य सरकार ने स्वास्थ्य कारणों से 10 साल से छोटे बच्चों के स्कूल टाइमिंग्स में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए निर्देश जारी किया राज्य के सभी प्री-प्राइमरी और प्राइमरी स्कूलों में 10 साल के कम उम्र के बच्चों की कक्षाएं सुबह 7 बजे की बजाय 9 बजे से शुरू की जाएं। यह निर्देश सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को भी दिए गए हैं। बता दें कि महाराष्ट्र राज्य के राज्यपाल रमेश बैस (Ramesh Bais, Governor of Maharashtra state) ने 2 महीने पहले 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सुबह 7 बजे से स्कूलों की कक्षाएं शुरू होने पर चिंता जतायी थी। स्कूलों के समय में बदलाव से जुड़ा फैसला राज्यपाल के उसी व्याख्यान से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र राज्य सरकार ने यह निर्णय लेने से पहले, स्कूल के समय परिवर्तन प्रस्ताव पर एक सर्वे भी कराया। इस सर्वे में बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों, शिक्षा जगह से जुड़े विशेषज्ञों और अन्य एक्सपर्ट्स की भी सलाह ली। सर्वेक्षण करवाने के बाद ही सुबह शुरू होनेवाले स्कूलों के समय में बदलाव का यह निर्णय लिया गया। सर्वेक्षण में यह पाया गया कि शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों की कक्षाएं सुबह 7 बजे शुरू किए जाने के नियम पर एक बार विचार करने की सलाह लोगों ने दी थी।
बच्चों के लिए नींद की कमी बहुत नुकसानदायक साबित हो सकती है क्योंकि इससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास स्लो हो सकता है। कुछ समय पहले इटली में इंस्टीट्यूट ऑफ फूड साइंस ऑफ द नेशनल रिसर्च काउंसिल द्वारा की गयी एक रिसर्च में कहा गया कि 16 साल तक के बच्चों को दिन में 8-9 घंटे की नींद लेना आवश्यक है। वहीं, 10 साल से छोटे बच्चों की नींद पूरी ना होने से उन्हें बिहेवियर, इमोशनल हेल्थ और ब्रेन डेवलपमेंट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इस रिसर्च के अनुसार नींद की कमी से बच्चों को इस तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं-





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