मुंबई : खार सबवे में जलजमाव एवं ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित ऐलिवेटेड रोड का काम फ़िलहाल बीएमसी ने होल्ड पर रख दिया है। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि खार ईस्ट में रेलवे लाइन और सांताक्रुज के बीच डिफेंस की जमीन पर ब्रिज बनना है। डिफेंस से यह जमीन बीएमसी को अब तक नहीं मिल पाई है, इसलिए बीएमसी ने फ्लाईओवर का काम होल्ड पर रख दिया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नवंबर, 2023 में स्थानीय लोगों को ट्रैफिक और जलजमाव की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए खार सबवे पर फ्लाईओवर बनाने का आदेश बीएमसी को दिया था। जिसके बाद बीएमसी ने एक किमी लंबे इस फ्लाईओवर के लिए 2400 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है, इस ब्रिज को चार आर्म में विभाजित करने की योजना है। जो आगे वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे, एक सांताक्रुज स्टेशन की तरफ और एक बांद्रा टर्मिनस की तरफ जाएगा। अब फ्लाईओवर की डिजाइन में चेंज होगा या जमीन मिलेगी, उसके बाद टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
बीएमसी की यह है योजना
बीएमसी ब्रिज डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि फ्लाईओवर के जरिए खार ईस्ट और वेस्ट को जोड़ा जाएगा। यह ब्रिज एसवी रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे को जोड़ेगा। इससे गाड़ियों की आवाजाही सबवे से काफी कम हो जाएगी। बारिश के दिनों में खार सबवे की स्थिति काफी खराब हो जाती है। जलजमाव के कारण गाड़ियों की आवाजाही बार-बार रोकी जाती है, इससे सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम का सामना लोगों को करना पड़ता है। इस ब्रिज के बनने से खार के साथ सांताक्रुज, बांद्रा, एसवी रोड और वेस्टर्न एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
फ्लाईओवर का हो रहा विरोध
खार सबवे पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का स्थानीय लोगों के साथ कांग्रेस व अन्य लोग भी विरोध करते हुए इसे फ़िजूलख़र्ची बता रहे हैं। कांग्रेस नेता रवि राजा का आरोप है कि इस प्रॉजेक्ट की वजह से 140 इमारतें प्रभावित हो रही हैं। इनमें रहने वाले हजारों लोग इसका विरोध कर रहे हैं। बीएमसी को लोगों की बातें सुननी चाहिए। वहीं स्थानीय लोगों ने मंत्री छगन भुजबल, बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी, असिस्टेंट कमिश्नर को पत्र लिखकर विरोध जताया है। सोशल ऐक्टिविस्ट जोरू भथेना ने कहा कि जंक्शन, रोड, सिग्नल और ड्रेन सिस्टम ठीक कर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है। 2400 करोड़ रुपये खर्च कर बीएमसी लोगों के लिए समस्या खड़ी कर रही है। बीएमसी की नज़र में जल जमाव-ट्रैफिक की समस्या का निजात फ्लाईओवर ही है, जबकि महज 2 करोड़ रुपये खर्च कर समस्या का समाधान संभव है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस फ्लाईओवर की वजह से कई गार्डन, कई पेड़ काटे जाएंगे। इसके आसपास करीब 3 स्कूल हैं, जिनके बच्चे भी प्रभावित होंगे। वाहनों की आवाजाही के चलते लोगों को ध्वनि प्रदूषण भी झेलना पड़ेगा।





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