Home Maharashtra भाजपा ने उलेमा बोर्ड द्वारा महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को समर्थन देने...

भाजपा ने उलेमा बोर्ड द्वारा महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को समर्थन देने के लिए पत्र लिखने का झूठा आरोप लगाया – प्रियंका चतुर्वेदी

54
0

मुंबई : प्रियंका चतुर्वेदी ने अखिल भारतीय उलेमा बोर्ड के कथित पत्र के बारे में भाजपा के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उलेमा बोर्ड द्वारा महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को समर्थन देने के लिए पत्र लिखने का झूठा आरोप लगाया है। यह पत्र कभी नहीं लिखा गया और न ही इसकी मांग की गई।
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी पर महाराष्ट्र में डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि भाजपा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले लोगों को विभाजित करने की कोशिश कर रही है। प्रियंका ने अखिल भारतीय उलेमा बोर्ड के कथित पत्र के बारे में भाजपा के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने उलेमा बोर्ड द्वारा महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को समर्थन देने के लिए पत्र लिखने का झूठा आरोप लगाया है। यह पत्र कभी नहीं लिखा गया और न ही इसकी मांग की गई।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि आरोप लगाने वालों को कोई भी तस्वीर दिखानी चाहिए, जहां कथित पत्र महा विकास अघाड़ी के नेताओं को दिया गया हो। उन्होंने चुनौती दी कि वे यह बताएं कि इसे किस उलेमा बोर्ड ने लिखा है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि महाराष्ट्र के सामने असली मुद्दे बेरोजगारी, महिलाओं और किसानों के साथ अन्याय आदि हैं, लेकिन सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन द्वारा लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
हिंदू-मुसलमानों के बीच विभाजन को अंजाम दे रही भाजपा: प्रियंका
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘मैंने पत्र नहीं देखा है और उनकी किसी भी मांग के बारे में नहीं सुना है। मुझे कोई एक फोटो दिखाइए जहां यह पत्र किसी नेता को दिया गया हो। भाजपा हिंदुओं और मुसलमानों के बीच इस विभाजन को अंजाम दे रही है। महाराष्ट्र का मुद्दे बेरोजगारी, महिलाओं और किसानों के खिलाफ अन्याय हैं। महाराष्ट्र में डर का माहौल बनाने की कोशिश हो रही है, बॉलीवुड कलाकारों को धमकी भरे फोन आ रहे हैं, एक राजनेता की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। भाजपा और ‘महाझूठी’ गठबंधन महाराष्ट्र में इस तरह का माहौल बना रहा है। मैं खुली चुनौती देती हूं कि यह कौन सा उलेमा बोर्ड है जो सत्यापित और पंजीकृत है और जिसने यह पत्र लिखा है।’