महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अब केवल छह दिन बाकी हैं. इससे पहले फिर महायुति की सहयोगी पार्टी एनसीपी के नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के नारे से दूरी बना ली है. बीड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अजित पवार ने कहा कि “बंटेंगे तो काटेंगे” का हम समर्थन नहीं करते हैं. महाराष्ट्र साधु-संतों का प्रदेश है. यह शाहू, फूले और अंबेडकर का महाराष्ट्र है. लोकसभा चुनाव के समय में विपक्ष ने कहा था कि मोदी सरकार संविधान बदलने वाले हैं. ऐसा कुछ नहीं हुआ. अब भी ऐसा कुछ नहीं होने वाला है.
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा दिया था. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि ‘हम एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे’. वहीं, महायुति के घटक दल अजित पवार ने इस नारे से फिर अपनी दूरी बना ली है. बीड विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार योगेश क्षीरसागर के समर्थन में आयोजित सभा में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र शिव अनुयायियों की भूमि है. हमारे खून में उनकी शिक्षाएं हैं, हम उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए आगे बढ़ेंगे. लोकसभा चुनाव के दौरान मुस्लिम आबादी के इंडिया ब्लॉक के पक्ष में होने पर एनसीपी प्रमुख ने कहा, “लोकसभा चुनाव के दौरान अल्पसंख्यकों ने इंडिया ब्लॉक का समर्थन किया था. उसी गठबंधन में एक घटक के रूप में शिव सेना (यूबीटी) है.” उन्होंने सवाल किया कि इंडिया गठबंधन का पक्ष लेने से क्या हासिल हुआ? मतदाताओं को सोचना चाहिए कि जरूरत के समय उनकी मदद कौन कर रहा है.
लोकसभा चुनाव में हुआ था झूठा प्रचार
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान झूठे प्रचार से पिछड़े समुदाय को भी गुमराह किया गया. उन्होंने कहा कि ऐसा कहा गया था कि अगर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले गठबंधन को चुनाव में 400 से अधिक सीटें मिलीं तो संविधान में संशोधन किया जाएगा. मैं पूछना चाहता हूं कि क्या संविधान में संशोधन किया गया है? यह हमारी सरकार है जिसने न्याय मूर्ति की आंखों से पट्टी हटा दी है. न्याय दिया और उन्हें एक हाथ में तलवार दी और दूसरे हाथ में संविधान दिया. यह संविधान के प्रति हमारा सम्मान है.
उन्होंने कहा कि संविधान ने देश को कश्मीर से कन्याकुमारी तक एकजुट रखा है. एनसीपी प्रमुख ने कहा कि यह इस संविधान के कारण है कि हमारे देश में पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे विद्रोह नहीं होते हैं. उन्होंने कहा कि हमारे पास एक समृद्ध परंपरा, संस्कृति और इतिहास है. यह सब मत भूलिए. हम महायुति के गठबंधन सहयोगी हैं और समान मूल्यों को साझा करते हैं. मैं लोगों से राकांपा उम्मीदवार को वोट देने की अपील करता हूं. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपका बाल भी बांका नहीं होगा.
सभी धर्म के लोगों को सुरक्षा देना हमारी जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि हम शिवाजी महाराज के मूल्यों में विश्वास करते हैं, जो सभी धर्मों के लोगों को अपने साथ लेकर आए. सभी धर्मों के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी और पुलिस की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि हाल ही में संपन्न पुलिस भर्ती अभियान के दौरान, 52% रिक्तियां ओबीसी, एससी और एसटी के लिए, 10% आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए और 10% मराठाओं के लिए आरक्षित थीं. अब, सिर्फ इसलिए कि मराठों को स्वतंत्र आरक्षण दिया गया है, वे ईडब्ल्यूएस से बाहर आ गए हैं, और अन्य जिनके पास कहीं और कोटा नहीं है, उन्हें ईडब्ल्यूएस के तहत लाभ मिल रहा है.





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