मुंबई : सड़कों पर गड्ढे और खुले मैनहोल के कारण अगर किसी की जान जाती है, तो अब ज़िम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। ऐसे मामले में, मृतक के परिजनों को 6 लाख रुपये दिए जाएँगे, जबकि दुर्घटना में घायलों को 50,000 रुपये से लेकर 2.5 लाख रुपये तक का मुआवज़ा देने का आदेश बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिया है। यह मुआवज़ा ठेकेदारों द्वारा लगाए गए जुर्माने से या दोषी अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों के वेतन से वसूला जाएगा। अदालत का यह आदेश सभी नगर पालिकाओं, नगर निगमों, ज़िला परिषदों और नगर परिषदों पर लागू होगा। इसके साथ ही, सड़कों की गुणवत्ता को लेकर लापरवाही बरतने वाले प्रशासन को अब सीधे तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा।
गड्ढों के लिए अधिकारी, ठेकेदार ज़िम्मेदार: सड़कों के उचित रखरखाव और नागरिकों को सुरक्षित सड़कें प्रदान करने की प्राथमिक ज़िम्मेदारी संबंधित सरकारी एजेंसियों की है। सड़कों पर गड्ढेअदालत ने स्पष्ट किया है कि मैनहोल को खुला छोड़ना लापरवाही का प्रतीक है, और इसके लिए सीधे तौर पर शामिल इंजीनियरों, अधिकारियों और सड़क ठेकेदारों को ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा।
गड्ढों, मैनहोल के कारण हुई मृत्यु की स्थिति में मुआवज़ा
दुर्घटना में न्यायालय ने आदेश दिया है कि किसी नागरिक की मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारियों को तत्काल छह लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए।





Users Today : 4
Users Yesterday : 5
Users Last 7 days : 56
Users Last 30 days : 280
Users This Month : 125
Users This Year : 2907
Total Users : 64114
Views Today : 7
Views Yesterday : 9
Views Last 7 days : 85
Views Last 30 days : 376
Views This Month : 170
Views This Year : 3485
Total views : 99508
Who's Online : 0


