मुंबई : महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित ‘हिंदवी स्वराज्य’ से जुड़े 12 किलों के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए फ्रांस जाएंगे। 11 से 16 फरवरी तक मंत्री आशीष शेलार पेरिस में आयोजित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे। मंत्री के कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस दौरान वे यूनेस्को मुख्यालय में स्थापित भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की अर्ध प्रतिमा को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे। यह प्रतिमा महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक मामलों के विभाग द्वारा स्थापित की गई है।
लगभग डेढ़ वर्ष तक चली लंबी प्रक्रिया के बाद यूनेस्को ने 11 जुलाई 2025 को आयोजित अपने 47वें अधिवेशन में छत्रपति शिवाजी महाराज के काल के 12 किलों को ‘भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य’ शीर्षक के अंतर्गत विश्व धरोहर सूची में शामिल किया। विश्व धरोहर का आधिकारिक प्रमाण पत्र मंत्री आशीष शेलार के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल को पेरिस में औपचारिक रूप से सौंपा जाएगा। बयान में कहा गया है कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने विदेशी आक्रमणों से हिंदवी स्वराज्य की रक्षा करने, सुरक्षित शासन व्यवस्था स्थापित करने और जनकल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किलों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया था। यह व्यवस्था भारतीय इतिहास में सैन्य रणनीति और प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है।इस विरासत में महाराष्ट्र और तमिलनाडु के 12 किले शामिल हैं। रायगढ़, राजगढ़, प्रतापगढ़, पन्हाला, शिवनेरी, लोहागढ़, साल्हेर, सिंधुदुर्ग, सुवर्णदुर्ग, विजयदुर्ग, खंडेरी और जिंजी। अब यह अनोखी धरोहर पूरे विश्व में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में पहचानी जाएगी। फरवरी 2025 में महाराष्ट्र सरकार के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री आशीष शेलार के नेतृत्व में यूनेस्को के समक्ष एक विस्तृत तकनीकी और रणनीतिक प्रस्तुति देने के लिए पेरिस का दौरा किया था।
विश्व धरोहर प्रमाण पत्र को औपचारिक रूप से प्राप्त करने और इस ऐतिहासिक क्षण का प्रत्यक्ष साक्षी बनने के लिए किया जा रहा है। यह वर्तमान दौरा छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और मराठा साम्राज्य की अमर विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने वाला एक गौरवपूर्ण अध्याय है। इस यात्रा के दौरान मंत्री आशीष शेलार यूनेस्को के महानिदेशक, विषय विशेषज्ञों और यूनेस्को में भारत के स्थायी प्रतिनिधि विशाल शर्मा के साथ विभिन्न बैठकों में भाग लेंगे।
इन बैठकों में महाराष्ट्र की अन्य प्रस्तावित विश्व धरोहर स्थलों को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मंत्री ने विश्वास जताया है कि यह दौरा कोंकण की शैल चित्रकला, महाराष्ट्र के समुद्री किलों और पंढरपुर वारी, गणेशोत्सव और दही हांडी जैसी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत परंपराओं को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने के राज्य सरकार के प्रयासों को और मजबूत करेगा। इसके अलावा, प्रतिनिधिमंडल पेरिस के प्रसिद्ध संग्रहालयों का अध्ययन करेगा। इस दौरान संग्रहालयों के प्रबंधन तरीकों, प्रदर्शनी की रूपरेखा और डिजिटल तकनीक के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि मुंबई के बांद्रा में निर्माणाधीन विश्वस्तरीय ‘महाराष्ट्र संग्रहालय’ के विकास को और बेहतर बनाया जा सके।





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