मुंबई : सैफ अली खान पर देर रात हुए जानलेवा हमले के बाद मुंबई की सुरक्षा-व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं. बीती रात एक नामालूम शख्स सैफ के घर में घुसा. पुलिस का कहना है कि, इसके बाद सैफ और उस शख्स के बीच हाथापाई हुई. सैफ घायल हुए. उन्हें सुबह 3 बजे के करीब लीलावती अस्पताल ले जाया गया. जहां उनका इलाज चल रहा है.
अब जानकारी आ रही है कि सैफ खतरे से बाहर हैं. उनका परिवार पूरी भी पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. सैफ पर हुए हमले के बाद मुंबई में अपराध, हत्या, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, बाल शोषण के आंकड़े टटोले जाने लगे हैं. आइये, इस हवाले से मौजूद कुछ आंकड़ों को उलट-पुलट कर देखें.
एनसीआरबी – नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो भारत सरकार की एक एजेंसी है. जिसका काम देश भर में होने वाले अपराधों के आंकड़े जुटाना, उनका विश्लेषण करना है. एनसीआरबी भारत की जांच एजेंसियों को भी डेटा मुहैया कराती है. एनसीआरबी के 2023 के आखिर में प्रकाशित हुए आंकड़े मुंबई को लेकर काफी चिंताजनक बात बतलाते हैं.
आपराधिक मामले –साल 2022 में दर्ज होने वाले कुल आपराधि मामलों में, शहरों में दिल्ली 2 लाख 98 हजार 988 अपराध के साथ सबसे टॉप पर रहा. वहीं, अपराध के 69 हजार 289 मामले के साथ मुंबई दूसरे नंबर पर रही.
तीसरे नंबर पर कर्नाटक की राजधानी और भारत की सिलिकन वैली कही जाने वाली बेगलुरू जबकि चौथे नंबर पर गुलाबी शहर और राजस्थान की राजधानी जयपुर रही. इस हवाले से पांचवे नंबर पर गुजरात के शहर अहमदाबाद का नाम रहा.
हत्या के कुल मामले – अगर अपराध के आंकड़ों में थोड़ा और भीतर घुसे तो पाएंगे कि 2022 में मुंबई में कुल 135 मर्डर – हत्याएं हुईं. मेट्रों शहरों में दर्ज होने वाली हत्याओं में मुंबई तीसरे नंबर पर रही.
इस साल बेंगलुरू में 173 जबकि दिल्ली में 501 हत्याएं हुईं थीं. मुंबई में जो 135 मर्डर हुए – इनमें 63 विवादों से जुड़े थे. बाकी के 22 निजी बदले, 7 प्रेम प्रसंग के मामले, 6 डकैती और पांच निजी फायदे के लिए की गई हत्याएं थीं.
अपहरण के कुल मामले – अगर अपहरण की बात की जाए तो यहां भी शहरों में दिल्ली के बाद मुंबई का ही नंबर रहा. मुंबई में 2022 में 1 हजार 754 अपहरण के मामले दर्ज हुए थे, जो दिल्ली के बाद किसी भी शहर में सबसे ज्यादा थे. अपहरण के मामलों में तीसरे नंबर पर बेंगलुरु (946), उसके बाद जयपुर (787) और पटना (664) रहा था.
महिलाओं के खिलाफ हिंसा –अगर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की बात की जाए तो इसमें भी दिल्ली के बाद मुंबई का स्थान रहा. 2022 में मुंबई में 6 हजार 176 मामले ऐसे दर्ज हुए जो महिलाओं के खिलाफ हिंसा से जुड़े थे.
बाल शोषण और उत्पीड़न – बाल शोषण और उत्पीड़न यानी पॉस्को के मामले में दूसरे शहरों की तुलना में मुंबई दूसरे स्थान पर रहा. 2022 में दिल्ली में जहां 7 हजार 400 तो मुंबई में 3 हजार 178 मामले बाल शोषण के दर्ज हुए.
मुंबई : सैफ अली खान पर देर रात हुए जानलेवा हमले के बाद मुंबई की सुरक्षा-व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं. बीती रात एक नामालूम शख्स सैफ के घर में घुसा. पुलिस का कहना है कि, इसके बाद सैफ और उस शख्स के बीच हाथापाई हुई. सैफ घायल हुए. उन्हें सुबह 3 बजे के करीब लीलावती अस्पताल ले जाया गया. जहां उनका इलाज चल रहा है.
अब जानकारी आ रही है कि सैफ खतरे से बाहर हैं. उनका परिवार पूरी भी पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. सैफ पर हुए हमले के बाद मुंबई में अपराध, हत्या, अपहरण, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, बाल शोषण के आंकड़े टटोले जाने लगे हैं. आइये, इस हवाले से मौजूद कुछ आंकड़ों को उलट-पुलट कर देखें.
एनसीआरबी – नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो भारत सरकार की एक एजेंसी है. जिसका काम देश भर में होने वाले अपराधों के आंकड़े जुटाना, उनका विश्लेषण करना है. एनसीआरबी भारत की जांच एजेंसियों को भी डेटा मुहैया कराती है. एनसीआरबी के 2023 के आखिर में प्रकाशित हुए आंकड़े मुंबई को लेकर काफी चिंताजनक बात बतलाते हैं.
आपराधिक मामले –साल 2022 में दर्ज होने वाले कुल आपराधि मामलों में, शहरों में दिल्ली 2 लाख 98 हजार 988 अपराध के साथ सबसे टॉप पर रहा. वहीं, अपराध के 69 हजार 289 मामले के साथ मुंबई दूसरे नंबर पर रही.
तीसरे नंबर पर कर्नाटक की राजधानी और भारत की सिलिकन वैली कही जाने वाली बेगलुरू जबकि चौथे नंबर पर गुलाबी शहर और राजस्थान की राजधानी जयपुर रही. इस हवाले से पांचवे नंबर पर गुजरात के शहर अहमदाबाद का नाम रहा.
हत्या के कुल मामले – अगर अपराध के आंकड़ों में थोड़ा और भीतर घुसे तो पाएंगे कि 2022 में मुंबई में कुल 135 मर्डर – हत्याएं हुईं. मेट्रों शहरों में दर्ज होने वाली हत्याओं में मुंबई तीसरे नंबर पर रही.
इस साल बेंगलुरू में 173 जबकि दिल्ली में 501 हत्याएं हुईं थीं. मुंबई में जो 135 मर्डर हुए – इनमें 63 विवादों से जुड़े थे. बाकी के 22 निजी बदले, 7 प्रेम प्रसंग के मामले, 6 डकैती और पांच निजी फायदे के लिए की गई हत्याएं थीं.
अपहरण के कुल मामले – अगर अपहरण की बात की जाए तो यहां भी शहरों में दिल्ली के बाद मुंबई का ही नंबर रहा. मुंबई में 2022 में 1 हजार 754 अपहरण के मामले दर्ज हुए थे, जो दिल्ली के बाद किसी भी शहर में सबसे ज्यादा थे. अपहरण के मामलों में तीसरे नंबर पर बेंगलुरु (946), उसके बाद जयपुर (787) और पटना (664) रहा था.
महिलाओं के खिलाफ हिंसा –अगर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की बात की जाए तो इसमें भी दिल्ली के बाद मुंबई का स्थान रहा. 2022 में मुंबई में 6 हजार 176 मामले ऐसे दर्ज हुए जो महिलाओं के खिलाफ हिंसा से जुड़े थे.
बाल शोषण और उत्पीड़न – बाल शोषण और उत्पीड़न यानी पॉस्को के मामले में दूसरे शहरों की तुलना में मुंबई दूसरे स्थान पर रहा. 2022 में दिल्ली में जहां 7 हजार 400 तो मुंबई में 3 हजार 178 मामले बाल शोषण के दर्ज हुए.





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