मुंबई : मुंबई की कीमती जमीनों को बिल्डरों के हवाले करने की राह पर चलते हुए, महायुति सरकार के नक्शे कदम पर मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने आगामी आर्थिक वर्ष २०२६-२७ के लिए ४८ हजार करोड़ रुपए का भारी-भरकम वित्तीय संकल्प (बजट) पेश किया है। नगर विकास मंत्री एकनाथ शिंदे के नियंत्रण वाली एमएमआरडीए ने वडाला और बीकेसी स्थित बेहद कीमती और प्राइम प्लॉट्स को बेचकर ११,१७७.९५ करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य तय किया है। आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए प्राधिकरण ने अब मुंबई की सार्वजनिक संपत्तियों पर नजर गड़ा दी है।
जमीन बेचकर विकास का दावा
एमएमआरडीए ने वर्ष २०२६-२७ के लिए ४८,०७२.५७ करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। अधिकारियों के अनुसार, अनुमानित कुल आय में से ४२,००६.१४ करोड़ रुपए केवल विकास परियोजनाओं पर खर्च किए जाएंगे। इस आय का बड़ा हिस्सा जमीन बिक्री और कर्ज पर आधारित है। प्राधिकरण ने प्लॉट्स की बिक्री से ११,१७७.९५ करोड़ रुपए जुटाने के साथ-साथ २३,७११.१६ करोड़ रुपए का कर्ज लेने का भी लक्ष्य रखा है। इसके अतिरिक्त अर्बन ट्रांसपोर्ट फंड से ६,३६८.४२ करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य है।
महापुरुषों के स्मारकों के लिए प्रावधान
बालासाहेब ठाकरे राष्ट्रीय स्मारक और महापौर निवास: १७१.५० करोड़। इंदु मिल स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक: ४००.०० करोड़।
बुनियादी ढांचे पर भारी खर्च
यातायात समस्या कम करने के नाम पर कई बड़ी परियोजनाओं को बजट में शामिल किया गया है। ऑरेंज गेट, मरीन ड्राइव कोस्टल रोड, गायमुख, फाउंटेन होटल मार्ग ठाणे, बोरीवली भूमिगत सुरंग, मुख्य सड़कों और मल्टी-रिंग रोड नेटवर्क के लिए १२,८१६.५५ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
‘नई मुंबई’ और मेट्रो पर बड़ा दावा
‘ग्रोथ हब’ परियोजनाओं के तहत ४,६०० करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें केएससी नई बस्ती, पेन डेवलपमेंट सेंटर और खारबाव बिजनेस पार्क शामिल हैं। वहीं मुंबई महानगर की १३ मेट्रो लाइनों के लिए १३,८३८.८८ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।





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