मुंबई : करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की मेफेड्रोन यानी एमडी ड्रग के साथ कांदिवली क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें आयव्हरी कोस्ट का फ्लूगेंस उर्फ मुस्तफा अका और मुंबई के फुटपाथ पर रहनेवाले सनी साहू के नाम प्रमुख हैं। सीनियर इंस्पेक्टर सुनील माने ने एनबीटी को बताया कि सनी साहू लंबे समय तक ड्रग एडिग्ट रहा। वह फ्लूगेंस से खुद के सेवन के लिए एमडी ड्रग लेता था।
सीनियर इंस्पेक्टर सुनील माने ने बताया कि चूंकि ड्रग्स का सेवन करना भी अपराध है, इसलिए उसे पिछले साल गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया गया। कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन के दौरान उसे जमानत मिली और वह जेल से बाहर आया। जेल में रहने के दौरान ही उसने सोच लिया था कि जिस ड्रग के सेवन के लिए वह फ्लूगेंस को रोजाना रकम देता है, उसी ड्रग को वह ज्यादा सेवन के बहाने फ्लूगेंस से लेगा और खुद ग्राहकों को बेचने लगेगा। इसमें उसकी मोटी कमाई होगी। इसलिए फ्लूगेंस के कभी ग्राहक रहे साहू ने जेल से बाहर आने के बाद उसके गैंग में शामिल होने का फैसला किया, लेकिन उसे फ्लूगेंस का पुरान मोबाइल बंद मिला।
उसने एक स्कूटी से उसकी मुंबई में जगह-जगह तलाश शुरू की। इसी में उसका ऐक्सिडेंट हो गया और उसका एक पैर फ्रेक्चर हो गया। अब साहू को इलाज के लिए रुपयों की ज्यादा जरूरत पड़ी। ऐसे में उसने अपने इलाके के एक दोस्त ऑटो ड्राइवर दीनानाथ चव्हाण को भरोसे में लिया। उससे कहा कि अब तुम मुझे अपने ऑटो में बैठाकर फ्लूगेंस के मुंबई में संभावित ठिकानों पर ले चलो। यदि वह मिल गया और यदि उसकी मदद से अपना ड्रग्स का धंधा मुंबई में चल पड़ा, तो प्रॉफिट में तुम्हें भी आधा कमिशन दूंगा। संयोग से कुछ दिनों में उसकी फ्लूगेंस से मुलाकात हो गई, जहां उसके साथ आयव्हरी कोस्ट का एक और ड्रग सप्लायर जर्मन जेरी भी था।
फ्लूगेंस ने प्रति ग्राम 600 रुपये के हिसाब से सनी साहू को एमडी ड्रग देनी शुरू की , जिसे साहू व दीनानाथ चव्हाण अपने ग्राहकों को 2 हजार रुपये से 5000 रुपये प्रति ग्राम के रेट से बेचने लगे। शुक्रवार को डीसीपी अकबर पठान को जब इस गैंग के बारे में टिप मिली, तो ट्रैप लगाया गया और सभी को गिरफ्तार किया गया।
आयव्हरी कोस्ट से जुड़े लोगों के बारे में पता चला कि वे कई साल से मुंबई में थे। एक आरोपी ने मुंबई आने के बाद अपना पासपोर्ट ही फाड़ दिया था, जबकि दूसरे आरोपी का जांच टीम को पासपोर्ट मिला। इससे पता चला कि उसका वीजा फरवरी, 2020 में ही एक्सपायर हो गया था, लेकिन वह अवैध रूप से मुंबई में रह रहा था। दोनों विदेशियों ने पूछताछ में अपने कुछ और साथियों के नाम भी लिए और बताया कि वे लोग टूरिस्ट या स्टूडेंट वीजा पर भारत आते हैं और यहां ड्रग्स का कारोबार करते हैं।





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