मुंबई : प्रधानमंत्री लोन योजना सरकारी योजना है, लेकिन कुछ ठगों ने इस लोन स्कीम का नाम लेकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया। मुंबई क्राइम ब्रांच चीफ मिलिंद भारंबे ने बताया कि हमने इस केस में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य सरगना संजीव कुमार सिंह है। अन्य आरोपियों के नाम हैं- प्रांजुल राठौर, राम निवास कुमावत और विवेक शर्मा।
आरोपियों ने अखबारों में व सोशल मीडिया पर इस स्कीम का विज्ञापन दिया। 9 ऐप्स बनाए। इन्हें 2 लाख 79 हजार 352 लोगों ने डाउनलोड किया। आरोपियों ने कुछ वेबसाइट्स भी बनाईं। दो कॉल सेंटर खोले। लोगों को लिंक भेजे, उसमें लिखी डिटेल को भरने को कहा। उसमें रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 5 हजार रुपये से लेकर 15 हजार रुपये मांगे गए। इसके लिए बाकायदा उन अकाउंट्स के नंबर भी भेज दिए, जिसमें यह रकम ट्रांसफर होनी थी।
कोई शक न हो, इसलिए लोन के इच्छुक लोगों से उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट्स की भी डिटेल मांग ली, ताकि लोन मंजूर होने पर उसमें रकम ट्रांसफर की जा सके। तमाम लोगों ने लोन की चाहत में रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस ट्रांसफर भी कर दी, लेकिन उन्हें जब लोन नहीं मिला और आरोपियों के सारे संपर्क नंबर बंद हो गए, तब उन्हें अहसास हुआ कि उन्हें तो ठग लिया गया है। इसी के बाद साइबर सेल की डीसीपी रश्मि कंरदीकर तक शिकायत पहुंची।
मिलिंद भारंबे कहते हैं कि इस केस में तमाम लोगों ने रकम तो डूबोई ही, उनके महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिटेल भी आरोपियों तक पहुंच गई। इसलिए मुंबई क्राइम ब्रांच चीफ ने लोगों को सलाह दी है कि वे हमेशा क्रॉस चेक करें और पूरी तरह आश्वस्त हों कि वह किसी सरकारी स्कीम के लिए सिर्फ सरकारी वेबसाइट्स को ही सर्च कर रहे हैं ।





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