मुंबई : कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखकर इसे काबू में करने की योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसी क्रम में मध्य रेलवे अगले एक महीने तक ‘प्लास्टिक लाओ, मास्क पाओ’ मुहिम चला रही है। इसके लिए रेलवे ने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), भारत, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (MCGM), हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और स्त्री मुक्ति संगठन (एसएमएस) के साथ पार्टनरशिप की है। ग्लोबल रीसाइक्लिंग डे के मौके पर इस योजना की शुरुआत हुई है।
मध्य रेलवे इस योजना की शुरुआत छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और दादर रेलवे स्टेशनों से कर रही है। इन स्टेशनों पर प्लास्टिक वेस्ट कलेक्शन कियोस्क लगाए गए हैं। COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए यात्री सभी प्रकार के प्लास्टिक कचरे (पीईटी बोतलें, पॉलिथीन बैग आदि) जमा करके बदले में मास्क पा सकते हैं। इसके अलावा, मध्य रेलवे की ट्रेनों में 20 सेल्समेन को पहचान पत्र देकर मास्क और फेस शील्ड बेचने की अनुमति दी जाएगी। रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार, सेल्समैन को सुबह 11 से शाम 5 बजे तक ही ट्रेनों में सेल की अनुमति होगी।
बीएमसी ने क्लीन अप मार्शलों की विशेष टीमें बनाकर रेलवे स्टेशनों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। पश्चिम और मध्य रेलवे पर मिलाकर रोज 500 से ज्यादा लोगों के खिलाफ सही तरीके से मास्क नहीं लगाने पर कार्रवाई हो रही है। एक फरवरी से सामान्य लोगों को निश्चित अवधि के लिए ट्रेनों की यात्रा की अनुमति दी गई थी। तब से करीब 18 हजार लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखकर रेलवे में लगातार यात्रियों की संख्या घट रही है। नई गाइडलाइंस आने के बाद दो-ढाई लाख यात्री कम हुए हैं। पश्चिम रेलवे पर 14 मार्च को 17.80 लाख यात्रियों ने सफर किया था, जो 17 मार्च को घटकर 16.70 लाख रह गए। मध्य रेलवे पर भी करीब दो लाख यात्री कम हुए हैं।





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