प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोरोना से अत्यधिक प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम बैठक की. ये बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई. इस बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोरोना से बढ़ते संकट का सामना करते हुए होने वाली समस्याओं से प्रधानमंत्री को अवगत करवाया. पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की इस बैठक में क्या अहम मुद्दे उठे इस बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से बयान जारी कर दिया गया है. इस बैठक में किन-किन मुद्दों पर बात हुई इस बारे में राज्य के स्वास्थ्य मत्री राजेश टोपे ने भी पत्रकारों को विस्तार से बताया. पीएम मोदी के साथ इस बैठक में ऑक्सीजन के संबंध में एक अहम निर्णय लिया गया है. महराष्ट्र में ऑक्सीजन की कमी के संकट को दूर करने के लिए और ऑक्सीजन की मांग पूरी करने के लिए अब इंडियन एयर फोर्स की मदद ली जाएगी.
महाराष्ट्र में अन्य राज्यों से ऑक्सीजन मिल तो रहा है, लेकिन ऑक्सीजन के पहुंचने में काफी समय लग रहा है. ये मुद्दा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उठाते हुए कहा कि विशाखापट्टनम से ऑक्सीजन लेकर ट्रेन चली है, लेकिन ट्रेन के पहुंचने में काफी देर हो रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन की सप्लाई को बढ़ाने के लिए खाली टैंकर्स को विमान के रास्ते प्लांट्स तक पहुंचाया जाए और टैंकरों में ऑक्सीजन भरे जाने के बाद उसे रेलवे या सड़क मार्ग से महाराष्ट्र लाया जाए. इस तरह क्या महाराष्ट्र में ऑक्सीजन एयर लिफ्टिंग के माध्यम से पहुंचाई जा सकती है? राजेश टोपे ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री के इस सवाल का प्रधानमंत्री ने सकारात्मक जवाब दिया है.
महाराष्ट्र में कोरोना के सक्रिय संक्रमितों की संख्या 7 लाख के करीब है, उनमें से 10 प्रतिशत गंभीर केस हैं. सीएम ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र में 60,000 लोग ऑक्सीजन पर हैं. राज्य में 76,300 ऑक्सीजन बेड हैं. 25,000 आईसीयू बेड हैं. महाराष्ट्र को हर रोज 1550 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है. 300 से साढ़े 300 मेट्रिक टन ऑक्सीजन दूसरे राज्यों से मंगाया जा रहा है. लेकिन कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए 250 से 300 मेट्रिक टन अतिरिक्त ऑक्सीजन की जरूरत है. उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस संकट से निकलने में महाराष्ट्र की मदद करेगी. मुख्यमंत्री की इस अपील पर प्रधानमंत्री मोदी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी.
महाराष्ट्र सीएम कार्यालय की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि पीएम के साथ हुई बातचीत सकारात्मक थी. मुख्यमंत्री की ओर से ऑक्सीजन और रेमडेसिविर देने की मांग की गई. इसके अलावा केंद्र सरकार से 13 हजार जंबो सिलेंडर और 11 वेंटीलेटर्स की मांग की गई. महाराष्ट्र को रोज 70 हजार रेमडेसिवीर वायल्स की जरूरत हैं, इनमें से सिर्फ 27 हजार वायल्स मिल रहें हैं. मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के लिए और रेमडेसिविर की मांग की. मुख्यमंत्री ने कहा कि रेमडेसिविर के अलावा भी अन्य दवाइयों की कमी हो रही है. उन कमियों पर भी केंद्र सरकार सहानुभूति के साथ विचार करे.
प्रधानमंत्री के साथ हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने अपील की कि किस राज्य को कितना टीका मिलेगा इस बारे में राज्य को विस्तार से जानकारी दी जाए ताकि राज्य सरकार उसके मुताबिक राज्य में टीकाकरण अभियान की सही प्लानिंग कर सके. वैक्सीन की सप्लाई बढ़ाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि अगर कोरोना टीके को आयात करने की इजाजत राज्य सरकार मांगती है, तो उसे इजाजत दी जाए और इस बारे में केंद्र सरकार राज्य सरकार का उचित मार्गदर्शन भी करे. महाराष्ट्र में 18 से 44 वर्ष के लोगो की संख्या 5 करोड़ 71 लाख है और 12 करोड़ वैक्सीन की डोज की जरूरत है. अभी फिलहाल राज्य के पास सिर्फ 6 लाख 50 हजार डोज बचे हैं और हर रोज साढ़े 3 लाख डोज लगाए जा रहे हैं.





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