Home Crime 1000 – 2000 में ई- पास, आरोपी गिरफ्तार

1000 – 2000 में ई- पास, आरोपी गिरफ्तार

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मुम्बई, पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लॉकडाउन में लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर फर्जी ई पास के जरिए ठगी को अंजाम देता था। इस मामले में मुम्बई पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे को गिरफ्तार करने के लिए एक टीम सोलापुर रवाना हो चुकी है। इस गिरोह का पर्दाफाश क्यूआर कोड के जरिए हुआ। पुलिस के मुताबिक एक फर्जी पास बनाने की एवज में यह गिरोह ग्राहक से 1000- 2000 रुपए लेता था।

मुम्बई सहित पूरे महाराष्ट्र में इस वक़्त लॉकडाउन लगा हुआ है और इस दौरान मुम्बई से महाराष्ट्र के किसी अन्य जिले या दूसरे राज्यों में जाने के लिए ई-पास सरकार ने अनिवार्य किया है। इसी का फायदा उठाकर आरोपी वैभव दाभेकर और उसका साथी फर्जी ई-पास बनाते थे। नियम के मुताबिक मुम्बई से बाहर जाने का ई पास बनाने के लिए मुम्बई पुलिस की वेबसाइट पर वास्तविक कारण बताना पड़ता है। आरोपी वैभव ने भी जोन 11 के ऑनलाइन एप्लिकेशन सेंटर से मुम्बई से 16 लोगों के सोलापुर जाने के पास के लिए अप्लाई किया, लेकिन वह अपने ही बुने जाल में फंस गया, क्योंकि मुम्बई पुलिस की जांच में उसके द्वारा अप्लाई किए गए ई-पास के ऊपर अंकित क्यूआर कोड फर्जी निकला, जिसके बाद पुलिस ने वैभव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक इसमें कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं, इसलिए पूरे मामले की आगे की जांच जारी है।