Home Crime कमजोर हो रहा कोरोना,५० प्रतिशत बेड खाली

कमजोर हो रहा कोरोना,५० प्रतिशत बेड खाली

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नई मुंबई, जहां पूरे देश में कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, वहीं नई मुंबई में मामला घटता दिख रहा है। यहां कोरोना कमजोर हो रहा है। इस कारण यहां के अस्पतालों में लगभग आधे बेड खाली हो चुके हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, नई मुंबई मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर के निरंतर प्रयासों से शहर धीरे-धीरे कोरोना मुक्त होता दिखाई दे रहा है। नई मुंबई में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए बेड्स में से ५० प्रतिशत बेड खाली हैं। कुछ दिन पहले तक शहर में रोजाना एक हजार से अधिक कोरोना मरीज मिल रहे थे। उस वक्त सामान्य बेड से लेकर ऑक्सीजन और वेंटिलेटर बेड्स की कमी महसूस की जा रही थी। कई मरीजों को आवश्यकता होने पर भी बेड नहीं मिल रहे थे, उन्हें कुछ समय तक इंतजार करना पड़ रहा था। पर अब पिछले कुछ दिनों से नई मुंबई के रोजाना आनेवाले नए मरीजों की संख्या काफी कम हो गई है। वहीं ठीक होनेवालों की संख्या काफी बढ़ गई है इसलिए शहर के डैशबोर्ड पर ५० प्रतिशत बेड खाली दिख रहे हैं। हालांकि, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर बेड अभी भी कम ही खाली हैं। नई मुंबई में कुल ६,७६५ बेड्स हैं। इनमें से ३,३९८ बेड खाली हैं। इन खाली बेड्स में २,६४३ सामान्य बेड हैं, तो वहीं ६८५ ऑक्सीजन बेड हैं। ५८ आईसीयू और १६ वेंटिलेटर बेड खाली हैं। गौरतलब है कि जनवरी और फरवरी महीने में नई मुंबई में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत कम हो गई थी लेकिन मार्च में शुरू हुई कोरोना की दूसरी लहर की वजह से फिर एक बार मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि होने लगी थी। अप्रैल महीने की शुरुआत में तो रोजाना एक हजार से अधिक मरीज मिलने लगे थे। एक दिन सबसे ज्यादा १,४४१ मरीज मिलने का रिकॉर्ड भी नई मुंबई में बना था। इसलिए मरीजों को बेड्स मिलना काफी दूभर हो गया था। उन्हें कई अस्पतालों के चक्कर लगाने के बाद बेड मिल रहे थे। १५ दिन पहले तो डैशबोर्ड पर एक भी बेड उपलब्ध न होने की जानकारी दिखी थी। उसके बाद राज्य सरकार ने संचारबंदी लगा दी, जिसका असर शहर में दिखा और मरीजों की संख्या में दिनों-दिन कमी आ रही है। महानगरपालिका ने कमोठे के एमजीएम अस्पताल, वाशी एग्जीबिशन सेंटर और डी.वाय. पाटील अस्पताल में बेड्स की संख्या भी बढ़ा दी थी, जिसका परिणाम आज दिख रहा है।