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साइबर ठगी में सबसे अधिक डेबिट या क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी

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मुंबई, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्सीजन सिलिंडर, रेमडेसिवीर की डिमांड बढ़ी तो साइबर ठग भी एक्टिव हो गए और लोगों को ठगने का काम तेजी से शुरू कर दिया। मुंबई पुलिस की वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक, जनवरी २०२१ से लेकर अप्रैल तक के ४ महीने में साइबर ठगी के कुल ७७७ मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें से पुलिस को सिर्फ ८४ मामले सुलझाने में सफलता मिली है। साइबर ठगी में सबसे अधिक डेबिट या क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के मामले दर्ज किए गए हैं।
महाराष्ट्र साइबर पुलिस लगातार लोगों को आगाह कर रही है कि वह साइबर ठग के झांसे में नहीं आएं। मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले ४ महीने में डेबिट-क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के १८१ मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा फर्जी सोशल मीडिया अकॉउंट, फोटो के साथ छेड़छाड़ के १८ मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा साइबर ठगी के ४९३ अन्य मामले दर्ज किए गए हैं। साइबर पुलिस ने पिछले कुछ महीनों से बढ़ रहे सेक्सटॉर्शन मामले को लेकर भी लोगों को आगाह किया है। इस नई तरह की ठगी में ठग सबसे पहले लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रâेंड रिक्वेस्ट भेजता है और बातों ही बातों में व्हॉट्सऐप नंबर ले लेता है। इसके बाद वीडियो कॉल कर अर्धनग्न वीडियो रिकॉर्ड किया जाता है और उसे वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग की जाती है।
हाल ही में रफी अहमद किदवई मार्ग पुलिस के तहत एक नाबालिग बच्चे ने अपनी मां के फोन से ऑनलाइन जैकेट ऑर्डर करने के चक्कर में एक लाख रुपए गवां दिए। चेंबूर में १८ वर्षीय एक युवक ऑनलाइन ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदने के चक्कर में डेढ़ लाख रुपए गंवा देता है, पूरा पैसा भरने के बाद भी उसे ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिलता है। इसके अलावा साइबर ठगों ने दक्षिण मुंबई के एक व्यवसायी को एक करोड़ ७० लाख रुपए की चपत लगाई है। ठग ने खुद को एक अंतरराष्ट्रीय फार्मा कंपनी का मैनेजर बताया और उससे वैक्सीन बनाने के लिए कच्चा सामान खरीदने की बात कही। व्यवसायी उसके झांसे में आ गया और अपनी मेहनत की कमाई को गवां दिया। समता नगर साइबर सेल ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो एक व्यक्ति के यूट्यूब से होनेवाली कमाई को अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेता था।