Home Crime आर्थिक तंगी से था परेशान, पत्नी और ३ बच्चों का कत्ल

आर्थिक तंगी से था परेशान, पत्नी और ३ बच्चों का कत्ल

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मुंबई, सुख-दुख इंसान के जीवन का हिस्सा है। उतार-चढ़ाव जिंदगी को मजेदार बना देती है। यह उन लोगों के लिए है, जो सकारात्मक सोच रखते हैं और जीवन के अच्छे-बुरे दोनों पलों का लुत्फ उठाते हैं। नकारात्मक सोच रखनेवाले लोग परेशानियों से घबरा कर चोरी, ठगी, हत्या अथवा खुदकुशी जैसा मार्ग अपना लेते हैं। ऐसे कदम समस्या का समाधान तो बिल्कुल भी नहीं हो सकते हैं बल्कि इससे परेशानी और बढ़ ही जाती है। कुछ ऐसा ही सबक सिखाती है अमेरिका में रहनेवाले भारतवंशी आईटी पेशेवर शंकर नगाप्पा हांगुड की कहानी।
भारतवंशी आईटी पेशेवेर शंकर नगाप्पा हांगुड इन दिनों अमेरिकी जेल में बंद है उस पर अपनी पत्नी और तीन बच्चों की हत्या का आरोप है। हांगुड द्वारा कत्ल किए गए चार मृतकों की पहचान हांगुड की ४६ वर्षीय पत्नी ज्योति शंकर, उसके २० साल के बेटे वरूम शंकर, १३ वर्षीय पुत्र निश्चल हांगुड और १६ साल की बेटी गौरी हांगुड के तौर पर की गई थी।
भारतीय मूल के अमेरिकी आईटी पेशेवर शंकर नगाप्पा हांगुड पहली बार उस वक्त सुर्खियों में आया था जब उसने माउंट शास्ता पुलिस विभाग में जाकर अधिकारियों से कहा था कि उसने चार लोगों की हत्या की है। उसकी बात सुनकर पहले तो अधिकारी अपनी जगह से उछल पड़े क्योंकि उनके जीवन में शायद ये पहला मौका रहा होगा जब एक या दो नहीं बल्कि पूरे चार खून करनेवाला कोई आरोपी खुद थाने में आकर अपना गुनाह कबूल कर रहा था। अधिकारियों ने पहले सोचा ये पागल तो नहीं है? लेकिन बाद में रोजविले पुलिस ने हांगुड के कबूलनामे की जांच की तो उसका इकबाले जुर्म शत-प्रतिशत सही पाया गया। पुलिस को हांगुड की पत्नी, दो बच्चों के शव जंक्शन रोड पर स्थित उसके फ्लैट में मिले। जबकि चौथा शव माउंट शास्ता थाने के बाहर खड़ी उसकी कार में से मिला। यह शव उसके बेटे का था।