मुंबई : मुंबई पुलिस ने बुली बाई ऐप मामले में गिरफ्तार किए गए पहले व्यक्ति विशाल झा को उसके कंप्यूटर उपकरण, फेक सोशल मीडिया अकाउंट और उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए ओटीपी की जांच के लिए उसकी पुलिस हिरासत बढ़ाए जाने की मांग की। इस मामले में बेंगलुरू में इंजीनियरिंग छात्र झा को चार जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। उस पर और दो अन्य पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 154 (ए), 153 (बी), 295 (ए), 509, 500 और 354 (डी) और आईटी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया।
यह मामला राजनीतिक रूप से मुखर कई मुस्लिम महिलाओं को ऑनलाइन नीलामी के लिए विज्ञापित किए जाने से संबंधित है। पुलिस ने कहा कि झा को इस सप्ताह की शुरुआत में मेडिकल कस्टडी में रखा गया था। वह COVID-19 टेस्ट में पॉजीटिव पाया गया था। पुलिस ने कहा कि चूंकि उसकी जांच के कुछ हिस्से अभी भी अधूरे हैं, इसलिए उसकी हिरासत समाप्त होने के बाद उसकी हिरासत पुलिस को सौंप दी जानी चाहिए। मजिस्ट्रेट ने हिरासत आवेदन के साथ-साथ झा की जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार के लिए स्थगित कर दी। मजिस्ट्रेट ने यह निर्देश यह पता चलने पर दिया कि जांच अधिकारी भी COVID-19 टेस्ट में पॉजीटिव पाया गया है। अधिवक्ता आरती और शिवम देशमुख की ओर से झा ने लिखित जवाब में मुंबई पुलिस की याचिका का विरोध किया। जवाब के अनुसार, एक बार जब उसे पुलिस की सहमति से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया तो और हिरासत की दलील बेकार हो जाती है।





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