मुंबई: बीएमसी चुनाव की गहमागहमी के बीच कमिश्नर इकबाल सिंह चहल ने वर्ष 2022-23 के लिए 45,949 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह साल 2021-22 की तुलना में 17.70 प्रतिशत अधिक है। इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ सेक्टर को काफी अहमियत दी गई है। नए प्रॉजेक्ट्स घोषित करने के बजाय बीएमसी ने मौजूदा प्रॉजेक्ट्स को पूरा करने पर फोकस किया है। हालांकि इसके लिए बीएमसी को अपनी ही तिजोरी से करीब 15,000 करोड़ रुपये लेने पड़ रहे हैं।
बीएमसी ने 2022-23 में प्रॉजेक्ट्स को पूरा करने के लिए 4,998 करोड़ रुपये आंतरिक कर्ज लेने का फैसला किया है। वहीं, 10,667 करोड़ रुपये बैंकों में रखे रिजर्व फंड से निकालने की जरूरत बताई है। बीएमसी के पास कुल 87,131 करोड़ रुपये बैंकों में डिपॉजिट हैं, जिनमें 31,323 करोड़ रुपये कर्मचारियों के पीएफ, पेंशन, डिपॉजिट इत्यादि के लिए आरक्षित हैं। साल 2022-23 में ऑक्ट्रॉय मुआवजे के रूप में बीएमसी को 11,430 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
बजट में कचरे से कमाई का नया रास्ता खोजा गया है। कचरा करने वालों से यूजर फीस के जरिए 174 करोड़ रुपये इकट्ठा करने का अनुमान लगाया गया है। कचरा शुल्क 3,500 होटलों से भी वसूला जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में डिवेलपमेंट प्लान (डीपी) के प्रीमियम में 50 प्रतिशत छूट देकर बीएमसी ने करी





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