मुंबई : महाराष्ट्र में बांबे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को निर्देश दिया कि वह प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जमानत याचिका के जवाब में हलफनामा दाखिल करे। अनिल देशमुख को मनी लांड्रिंग के एक मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। जस्टिस अनुजा प्रभुदेसाई ने ईडी को एक सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करने को कहा और मामले की सुनवाई आठ अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी। राकांपा नेता ने हाई कोर्ट से स्वास्थ्य के आधार पर जमानत देने का अनुरोध किया है। अनिल देशमुख ने ईडी के आरोपों को गलत तथा निराधार बताया है। अपने वकीलों-अनिकेत निकम और इंदरपाल सिंह के जरिये दायर याचिका में अनिल देशमुख ने कहा है कि ईडी अपनी ताकत का दुरुपयोग कर रही है। जांच एजेंसी ने अनिल देशमुख को दो नवंबर, 2021 को गिरफ्तार किया था। वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। विशेष अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्होंने राहत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
गौरतलब है कि इससे पहले गत दिनों मनी लांड्रिंग के कथित मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को जमानत देने से विशेष प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) अदालत ने इन्कार कर दिया। देशमुख को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया था। वह इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। विशेष न्यायाधीश आरएन रोकाडे ने सोमवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायाधीश ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मानने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं कि अनिल देशमुख मनी लांड्रिंग के मामले में शामिल थे। उन्होंने कहा कि गवाहों के बयानों में विरोधाभास हैं, लेकिन इस स्तर पर (जमानत याचिका पर) इस पर विचार नहीं किया जा सकता है। यह देशमुख की पहली नियमित जमानत याचिका थी। इससे पहले, विशेष अदालत ने तकनीकी आधार पर दायर उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।





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