मुंबई : आईएनएस विक्रांत मामले को लेकर बीजेपी नेता किरीटसोमैया और उनके बेटे नील सोमैया की मुश्किलें बढ़ गई हैं. किरीट सोमैया की गिरफ्तारी से पहले जमानत याचिका मुंबई सेशंस कोर्ट ने ठुकरा दी है. आईएनएस विक्रांत मामले में सोमवार (11 अप्रैल) को सुनवाई हुई. कोर्ट ने इस मामले में सोमैया पिता-पुत्र की गिरफ्तारी पूुर्व जमानत अर्जी ठुकरा दी है. अब किरीट सोमैया एंटीसिपेट्री बेल के लिए हाईकोर्ट का रुख करेंगे. नील सोमैया की गिरफ्तारी पूर्व जमानत अर्जी पर सोमवार को फैसला नहीं आया. नील सोमैया की जमानत अर्जी पर फैसला कल आएगा. उनकी वकील पावनी चढ्डा ने यह जानकारी दी है. किरीट सोमैया की वकील पावनी चड्ढा ने यह साफ किया कि आज किरीट सोमैया की जमानत अर्जी कोर्ट ने ठुकरा दी है. अब किरीट सोमैया हाई कोर्ट जाएंगे. किरीट सोमैया की ओर से कहा गया था कि 11 हजार 225 रुपए चंदे के तौर पर जमा किए गए थे और वो पैसे राजभवन में जमा किए गए हैं. लेकिन कोर्ट ने यह दलील स्वीकार नहीं की. कोर्ट ने कहा कि मामले की ठीक तरह से जांच जरूरी है.
सरकारी वकील प्रदीप घरत ने अदालत के फैसले के बाद कहा कि किरीट सोमैया ने खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश की लेकिन कोर्ट ने यह माना कि मामले की जांच जरूरी है. किरीट सोमैया ने कहा था कि जमा पैसे गवर्नर के खाते में जमा किए जाएंगे. लोगों से पैसे लिए गए थे आईएनएस विक्रांत को स्क्रैप में जाने से बचाने के लिए. कहा गया था कि आईएनसएस विक्रांत को वॉर म्यूजियम बनाया जाएगा. लेकिन ना तो आईएनएस विक्रांत को स्क्रैप में जाने से बचाया जा सका, ना ही वे पैसे राजभवन में जमा किए गए. लोगों ने देशभक्ति के नाम पर चंदे दिए थे. लेकिन वे पैसे पार्टी फंड में जमा किए गए. लोगों ने सेव विक्रांत के लिए पैसे दिए, विक्रांत स्क्रैप में गया, पैसा राजभवन की बजाए पार्टी फंड में गया इससे पहले आईएनएस विक्रांत मामले में दोनों पक्षों की ओर से दी गई दलीलों में एक नई बात सामने आई. किरीट सोमैया ने कहा था कि 1971 की लड़ाई में देश को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाला आईएनएस विक्रांत जहाज को स्क्रैप में जाने से बचाने के लिए उन्होंने जो 2013-14 में सेव विक्रांत मुहिम के तहत पैसे जमा किए वे राज्यपाल के पास जमा करवाएंगे. यह पैसा आईएनएस विक्रांत को वॉर म्यूजियम बनाने के काम आएगा. लेकिन किरीट सोमैया के वकील अशोक मुंदरगी ने कोर्ट को बताया कि राजभवन का कोई अकाउंट नहीं था, इसलिए किरीट सोमैया ने जमा किए हुए वे पैसे बीजेपी पार्टी फंडमें जमा करवा दिए. बता दें कि शिवसेना सांसद संजय राउत द्वारा लगाए गए आरोप के बाद ट्राम्बे पुलिस स्टेशन में किरीट सोमैया के खिलाफ सेव विक्रांत मुहिम के नाम पर जुटाए गए पैसे के घोटाले के आरोप की जांच शुरू की गई. पुलिस स्टेशन में शिकायतकर्ता पवन भोसले ने आरोप लगाया कि उन्होंने भी सेव विक्रांत मुहिम के लिए चंदे दिए थे, लेकिन सोमैया ने उन्हें कोई रसीद नहीं दी. संजय राउत के मुताबिक सोमैया ने सेव विक्रांत के नाम पर 57 करोड़ से ज्यादा फंड जमा किया, जिसका कोई हिसाब नहीं है. फिलहाल इस मामले की जांच राज्य की आर्थिक गुनाह शाखा कर रही है.





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