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सूदखोरों के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज ना करे तो कैसे कराये इनके खिलाफ एफआईआर।

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मुंबई:-मनोज दुबे

सामान्य रूप से सूदखोरी के धंधे में अपराधी किस्म के दबंग लोग और उनके रिश्तेदार शामिल हैं।
कई लोगो के पास जो ब्याज का धंधा करते है उनके पास लाइसेंस है और कई लोग बगैर लाइसेंस ब्याज का धंधा कर रहे है।जिनके पास लाइसेंस भी है उनको केवल 2 प्रतिशत पर पैसे देने की अनुमति है वही कानून की धज्जियां उड़ाते हुवे ऐसे लोग 10 से 20 प्रतिशत पर ब्याज पे पैसा देकर लोगो का शोषण कर रहे है।ऐसे ब्याजखोरो के खिलाफ पुलिस-प्रशासन को सख्ती से कारवाई करनी चाहिए लेकिन कुछ भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों की ऐसे ब्याजखोरो से मधुर संबंध होते है जिसकी वजह से ऐसे लोगो के खिलाफ शिकायत आने पर भी कोई कार्रवाई नही की जाती। हालांकि अवैध सूदखोरी करने वालों की जानकारी फिलहाल पुलिस के पास नहीं हैं। इसलिए पुलिस को समस्या से निपटने के लिए शिकायत को आधार बनाना चाहिए।
मुंबई के घाटकोपर के पूर्व और पश्चिम इलाके में ऐसे ब्याजखोरो का आतंक बढ़ा हुवा है।कुछ ब्याजखोरो ने गरीबो के घरों पर भी कब्जा कर लिया है।कुछ महीनों पहले पंतनगर पुलिस थाने की हद रमाबाई इलाके में ब्याजखोर महिला ने एक गरीब महिला का केवल पाँच हजार रुपये के लिए हत्या कर दी।
वही घाटकोपर पूर्व में भी ब्याजखोरो के खिलाफ घाटकोपर थाने में कई शिकायतें दी गई है लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नही करती जिसकी वजह से उनका मनोबल बढ़ा हुवा है।
जब पुलिस ने लिखे ब्याजखोरो के खिलाफ एफआईआर तो कैसे करे शिकायत
ब्याजखोर आपराधिक किस्म के लोग होते है उनका स्थानिक पुलिस थाने में दबदबा बना रहता है कुछ अधिकारियों से ये लोग मिले हुवे होते है इस लिए इनके खिलाफ मामला दर्ज नही किया जाता है।
जब आप किसी ब्याजखोर से पीड़ित हो तो तुरंत उसकी शिकायत स्थानिक पुलिस थाने में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को करे।जब वहाँ भी आप की शिकायत पे ध्यान नही दिया जाए तो आप उस विभाग के डीसीपी से इस बात की शिकायत करे।
जब आप की शिकायत पर कोई कार्यवाही नही होती तब आप अपने इलाके ने नजदीकी मजिस्ट्रेट न्यायालय में 156(3) के तहत मामला दर्ज करा सकते है।आप की शिकायत पे न्यायालय द्वारा उस व्यक्ति पर मामला दर्ज करने के आदेश दिए जायेंगे।