मुंबई:-मनोज दुबे
मुंबई पुलिस की छवि भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों की वजह से दिन पर दिन खराब होती नजर आ रही है।
वही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसमें अंबोली पुलिस थाने के एक पुलिस इंस्पेक्टर ने एक एफआईए को रद्द करने के लिए एक व्यवसायी से 2 लाख रुपये लिए। व्यवसायी राकेश शाह ने मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय पांडेय के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है जिसमें आरोप लगाया गया है कि मुंबई के अंबोली थाने में कार्यरत पुलिस निरीक्षक राधेश्याम शर्मा ने मामले को रद्द करने के लिए डरा धमकाकर 2 लाख रुपये लिए थे।
शिकायतकर्ता व्यवसायी राकेश शाह बीमा सलाहकार काम करते हैं। पुलिस आयुक्त को लिखे पत्र में उन्होंने कहाँ की “मेरे कुछ दोस्तों को मैंने 2 जून, 2020 को दोपहर के भोजन के लिए कार्यालय में आमंत्रित किया था।जब कोरोना में तालाबंदी के समय काम बंद हो गया था। तब इंस्पेक्टर राधेश्याम शर्मा अचानक मेरे कार्यालय में आ गये और राधेश्याम ने पूछा कि वह तालाबंदी के दौरान यहाँ क्या कर रहे है। मैं और मेरा कुछ दोस्त लॉकडाउन में समय बिताने के लिए रम्मी खेल रहे थे।इस बात का फायदा उठाकर पुलिस इंस्पेक्टर राधेश्याम ने हम लोगो को डराना धमकाना शुरू किया और बोलने लगा की तुम लोग जुगार खेल रहे हो मुझे सूचना मिली है इसस लिए मैं यहां आया हु।
तब व्यवसायी ने कहा था कि आपको गलत सूचना मिली है लेकिन पुलिस निरीक्षक कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था और पुलिस निरीक्षक कहने लगा कि जुआ रैकेट चलाने के आरोप में डीसीपी ने आपकी गिरफ्तारी का आदेश दिया है।ये बोलकर पुलिस निरीक्षक ने व्यवसायी को जबरन थाने ले गया।
वहां व्यवसायी को एक घंटे तक बैठा कर रखा गया फिर राधेश्याम शर्मा और डीसीपी ने उन पर और चार अन्य लोगों को लॉकडाउन उल्लंघन और जुआ रैकेट का मामला दर्ज करने को कहा। व्यवसायी ने राधेश्याम से कहा कि हमारा एक परिवार है और लॉकडाउन के कारण आर्थिक तंगी में है हमलोग।
उसके बाद पुलिस निरीक्षक राधेश्याम ने व्यवसायी को बोला मुझे दस मिनट का समय दीजिए मैं डीसीपी से बात करूंगा औऱ हमारे डीसीपी आज अच्छे मूड में हैं मै बात करके मामला रफा दफा करता हु।
जिसके बाद राधेश्याम शर्मा ने व्यवसायी को कहा की ” डीसीपी को 1 लाख रुपये और मुझे और मेरे कर्मचारियों को 1लाख रुपये यानी कुल 2 लाख रुपये देने होंगे तब मामला रद्द होगा।
अगर आप 2 लाख रुपये का भुगतान करते हैं, तो अपराध रद्द कर दिया जाएगा।
इस प्रकार पुलिस निरीक्षक राधेश्याम ने 2 लाख रुपये की उगाही की।
दो साल बाद में इस तरह की शिकायत करने के बारे में पूछे जाने पर व्यवसायी राकेश शाह ने कहा, “एक आम आदमी होने के नाते मुझमें उस वक्त पुलिस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं थी।यह मेरी मेहनत की कमाई थी जो पुलिस वालों ने खा ली।यह पुलिस द्वारा की गई डकैती है चोरी है।अब जब संजय पांडे ने मुंबई पुलिस आयुक्त का पदभार संभाला है, तो न्याय मिलने की उम्मीद है। ”





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