मुंबई : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) की संलिप्तता वाले 36,614 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में बुधवार को मुंबई से कारोबारी अजय रमेश नवंदर को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने पिछले हफ्ते नवंदर के परिसरों में तलाशी ली थी और करोड़ों रुपये मूल्य की कई लग्जरी घड़ियां बरामद की थी, जिनमें रोलेक्स ऑयस्टर परपेचुअल, कार्टियर, ओमेगा और हबलोट एम. कोर्स शामिल हैं। इसके अलावा, 33 करोड़ रुपये मूल्य की दो पेंटिंग भी बरामद की थी।
अधिकारियों ने बताया कि ये मूल्यवान वस्तुएं डीएचएफएल के पूर्व सीएमडी कपिल वधावन और कंपनी के पूर्व निदेशक धीरज वधावन की हैं जिन्होंने बैंकों से कथित तौर पर 34,615 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि नवंदर अपराध की गतिविधियों को छिपाने में आरोपियों की मदद करने में उस वक्त एक षडयंत्रकारी के तौर पर काम कर रहा था जब कारोबारी को एजेंसी ने गिरफ्तार किया।
जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा था, ‘‘जांच के दौरान यह पाया गया कि (डीएचएफएल) के प्रवर्तकों ने कथित तौर पर धन की हेराफेरी की और विभिन्न इकाइयों में निवेश किया। यह भी आरोप है कि प्रवर्तकों ने करीब 55 करोड़ रुपये मूल्य की अत्यधिक महंगी पेंटिंग और मूर्तियां खरीदी ताकि धन की हेराफेरी की जा सके। ’’
सीबीआई ने 17 सदस्यीय रिणदाता समूह का नेतृत्व कर रहे यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की एक शिकायत पर कार्रवाई की। समूह ने डीएचएफल को 2010 से 2018 के बीच 42,871 करोड़ रुपये रिण के तौर पर मुहैया किया था। बैंक ने आरोप लगाया है कि कपिल और धीरज वधावन ने मई 2019 के बाद से रिण की अदायगी नहीं कर समूह के साथ 34,615 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की।





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