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सोशल नेटवर्किंग साइटों पर आपत्तिजनक अवस्था में चैटिंग या फोन कॉल करनेवाले अनजान लोगों से सावधान, अनजान वीडियो कॉल से बढ़ रहा है सेक्सटॉर्शन

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मुंबई, पराया धन और पराई नार को पाने की चाह लोग अपने मन से निकाल नहीं पाते हैं। खासकर दूसरी महिलाओं को पाने की चाह रखने की पुरुषों की मानसिक विकृति का लाभ अब शातिर जालसाज उठाने लगे हैं। इसलिए इंटरनेट और स्मार्ट फोन के युग में स्मार्ट बनना सभी के लिए जरूरी हो गया है। आधी रात को आनेवाली अनजान वीडियो कॉल से सावधान हो जाना चाहिए। वर्ना वीडियो कॉल करनेवाली अपने आधे कपड़े उतरवाने की पूरी कीमत आप से वसूल कर सकती है।
सेक्सटॉर्शन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग साइटों पर आपत्तिजनक अवस्था में चैटिंग या फोन कॉल करनेवाले अनजान लोगों से सावधान होने की चेतावनी पुलिस और साइबर विशेषज्ञ बार-बार देते हैं लेकिन फिर भी लोग इंटरनेट पर ठगों द्वारा फैलाए गए `सेक्स के जाल’ में फंसने से खुद को रोक नहीं पाते हैं। सेक्सटॉर्शन का शिकार हुए मुंबई के एक ४३ वर्षीय शख्स को विकृत इच्छाओं पर नियंत्रण नहीं रखने की वजह से साढ़े ७ लाख रुपए की चपत लग गई।
एक प्राइवेट फर्म में काम करनेवाला शिकायतकर्ता १४ जुलाई को सांताक्रुज -पूर्व में अपने एक दोस्त के घर ठहरा था। उसी दौरान रात में करीब १० बजे, अंकिता शर्मा नाम की महिला से फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी, जिसे उसने मंजूर कर लिया। इसके तुरंत बाद महिला ने एफबी मैसेंजर पर पीड़ित के साथ चैट शुरू कर दी। बाद में वह एक वीडियो कॉल पर आई और अपने कपड़े निकालने लगी। पीड़ित ने चैट डिस्कनेक्ट कर दिया तो महिला ने फिर से पिंग किया। इसके बाद पीड़ित ने फोन पर मजा करने के लिए महिला के साथ अपना मोबाइल नंबर शेयर कर दिया। इसके बाद महिला ने व्हॉट्सऐप पर वीडियो कॉल किया और अपने कपड़े उतारते हुए पीड़ित से कैमरे के सामने अपना चेहरा दिखाने के लिए कहने लगी।
पीड़ित का दावा है कि वीडियो फोन कॉल के दौरान महिला द्वारा चेहरा दिखाने की मांग किए जाने से वह घबरा गया। कुछ गड़बड़ होने के डर से उसने कॉल काट दी और महिला का नंबर और उसका एफबी पेज ब्लॉक कर दिया था। लेकिन उसके बावजूद वह ठगी के जाल से बच नहीं पाया। खुद को दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच का पुलिस अधिकारी बतानेवाले एक शख्स ने पीड़ित को फोन किया। उक्त नकली पुलिस अधिकारी ने अपना नाम अरुण सक्सेना बताया और पीड़ित को फोन कॉल करनेवाली महिला की तस्वीर भेजी और आरोप लगाते हुए धमकाया कि उसने (पीड़ित) तस्वीर वाली उक्त महिला से कुछ दिन पहले वीडियो चैट की थी। चैट के दौरान महिला ने कैमरे के सामने कपड़े उतारे थे। खुद को दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताने वाले अरुण सक्सेना ने पीड़ित से कहा था कि सोशल मीडिया पर महिला की अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद उसने आत्महत्या कर ली है। फिर वह पीड़ित को मामले में पंâसाने की धमकी देते हुए पैसों की डिमांड करने लगा। उससे डरकर १५ से १८ जुलाई के बीच पीड़ित ने साढ़े सात लाख से ज्यादा रुपए दे दिए। इसके बाद भी जब पैसों की मांग बंद नहीं हुई तो पीड़ित ने निर्मल नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा दी। निर्मल नगर पुलिस की साइबर टीम आईपी एड्रेस और फोन नंबर को ट्रैक कर रही है, जिसका इस्तेमाल जालसाज पैसे निकालने के लिए करता था।