मुंबई, शिक्षा की नींव को मजबूत करने के लिए मनपा बालवाड़ियों का जीआईएस (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) सर्वेक्षण कर रही है। प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि अब तक शहर में स्थित ८८ फीसदी बालवाड़ियों का जीआईएस मैपिंग किया जा चुका है। यह भी कहा गया है कि आने वाले दिनों में शहर में बालवाड़ियों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। यहां छोटे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अत्याधुनिक सुविधाएं और पोषण प्रदान कर उज्जवल भविष्य के लिए सशक्त किया जाएगा। यह जानकारी शिक्षा सह आयुक्त अजित कुंभार ने दी।
मुंबई में मनपा द्वारा संचालित करीब ९०० बालवाड़ियां और राज्य सरकार की करीब ३,००० आंगनवाड़ियां हैं। यहां ३ से ६ साल के बच्चों को प्री-स्कूल एजुकेशन दिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए हर १,००० की जनसंख्या पर एक आंगनवाड़ी होनी चाहिए। शहर में निजी ‘प्री-स्कूल’ की संख्या बढ़ी है। इसलिए आवश्यक बालवाड़ियों की सही संख्या का अनुमान लगाना मनपा के लिए मुश्किल हो गया था। इस पृष्ठभूमि पर मुंबई में जनसंख्या के अनुपात में जीआईएस के माध्यम से बालवाड़ियों को खोजने के लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं।
मनपा स्कूलों में सीबीएसई, आईसीएसई और अंतरराष्ट्रीय बोर्ड को शुरू किया गया है। मनपा स्कूलों में शिक्षा स्तर के बढ़ने से इस साल सवा लाख नए छात्रों ने एडमिशन लिया है। मुंबई में सभी २४ वॉर्डों में भले ही स्कूल पर्याप्त हैं लेकिन नर्सरी बहुत कम हैं, जिन्हें आने वाले समय में बढ़ाया जाएगा।





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