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शिंदे सेना रिजल्ट के बाद बीजेपी पर बरसी; मुख्यमंत्री से पार्टी नेताओं ने की शिकायत

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मुंबई : लोकसभा चुनाव के दौरान सीट बंटवारे में जिस तरह से बीजेपी ने महाराष्ट्र में शिंदे सेना में दखल दिया, अब उनकी नाराज़गी सामने आ रही है। कई विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मिलकर शिकायत की। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव के सीट बंटवारे पर बीजेपी से सावधान रहने की ज़रूरत है। पार्टी के एक विधायक ने बीजेपी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि वे (बीजेपी) हमें सिखा रहे थे, लेकिन वक्त ने उनकी बोलती बंद कर दी। 23 लोकसभा सीटों से सीधे 9 सीटों पर आ गए हैं। शिंदे सेना का कहना है कि लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी ने शिंदे सेना पर बहुत दबाव बनाया था। दक्षिण मुंबई, उत्तर पश्चिम मुंबई, ठाणे, नासिक, यवतमाल हिंगोली जैसी 10 सीटों पर बीजेपी ने हस्तक्षेप किया। कुछ सीटें खुद के लिए मांगीं, तो कुछ पर उम्मीदवार बदलने का दबाव डाला। मुंबई की दो सीटें और ठाणे जैसी सीटें बीजेपी खुद के लिए मांग रही थी, इसलिए उम्मीदवारों की घोषणा करने में परेशानी आई।
सर्वे वगैरह का हवाला देकर बीजेपी ने शिंदे सेना को खूब परेशान किया। अगर, उस समय बीजेपी ने दखल नहीं दिया होता, तो लोकसभा की कई और सीटें शिंदे सेना जीत सकती थी। अब हालत यह है कि बीजेपी खुद तो हारी, उनकी वजह से शिंदे की शिवसेना भी कई सीटों पर हार गई।
शिंदे सेना का स्ट्राइक रेट बेहतर
शिंदे सेना का कहना है लोकसभा चुनाव में बीजेपी से कहीं अच्छा उनका स्ट्राइक रेट रहा। हमने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा और 7 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी 28 सीटों पर चुनाव लड़कर 9 सीटें ही जीत पाई। ऐसे में, आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी से सावधान रहने की ज़रूरत है। बीजेपी के सर्वे रिपोर्ट की खिल्ली उड़ाते हुए शिंदे सेना के विधायक ने कहा कि सर्वे रिपोर्ट के नाम पर बीजेपी ने उनके लोगों को बहुत परेशान किया। कई ऐसे लोगों का टिकट काटना पड़ा, जिन्हें देना चाहते थे। अब लगता है कि अपने हिसाब से टिकट देते, तो शिवसेना की और ज्यादा सीटें आ सकती थीं।
विधानसभा में सतर्क
पार्टी के लोगों मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से आगामी विधानसभा सभा चुनाव में सीट बंटवारे पर विशेष ध्यान देने की मांग की है। उनका कहना है कि बीजेपी के झांसे में नहीं आएं, और उनसे कहें कि सर्वे रिपोर्ट अपने पास रखें। मुख्यमंत्री पार्टी के विधायकों, पदाधिकारियों की सुनें और उसी अनुसार विधानसभा की उम्मीदवारी दें, अन्यथा हमारी शिवसेना का भी भाजपाई करण हो जाएगा।