मुंबई। महाराष्ट्र में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. वहां कुल 288 विस सीटें हैं, जबकि किसी भी दल को बहुमत के लिए 145 का आंकड़ा चाहिए होगा.
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 2024 से पहले बड़ा उलटफेर हो सकता है. ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि ताजा सियासी घटनाक्रमों से संकेत मिले हैं. आइए, जानते हैं इस बारे में:
चुनावी राज्य महाराष्ट्र में अजित पवार के गुट वाली एनसीपी के नेताओं की हाल-फिलहाल में शरद पवार की एनसीपी के नेताओं से लगातार बैठकें हुई हैं. 15 जुलाई को एनसीपी (अजित गुट) के छगन भुजबल शरद पवार से मिले, जबकि अगले दिन अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार भी उनसे मिलीं.
एनसीपी के अलग-अलग गुट नेताओं की बैठकों में क्या बात हुई? यह तो साफ नहीं हो पाया मगर चुनावी लिहाज से इन्हें खासा अहम बताया गया. आम चुनाव 2024 के बाद यह पहला मौका रहा, जब सुनेत्रा पवार और शरद पवार की भेंट से जुड़ी बात सामने आई. दोनों की मुलाकात एक घंटे चली.
बैठकों के बाद छगन भुजबल की ओर से पत्रकारों को यह जानकारी दी गई थी कि दोनों नेताओं के बीच मराठा आरक्षण के मुद्दे पर बातचीत हुई है. ताजा मीटिंग्स के बाद सियासी गलियारों में यह सवाल उठने लगा कि क्या एनसीपी (अजित गुट) क्या बड़ा फैसला ले सकती है और इसके पीछे अजित पवार ही हैं?
महाराष्ट्र में इस बार के आम चुनाव में महायुति को वह सफलता नहीं मिली, जिसकी उसे उम्मीद थी. यही वजह है कि बाद में एनडीए में टूट की खबर भी आई थीं. ऐसे में यह देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा कि क्या महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव 2024 (अक्तूबर के आस-पास) से पहले क्या राज्य में कोई बड़ा बदलाव होगा.




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