Home Maharashtra चुनाव में प्रतिद्वंद्वियों पर वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप

चुनाव में प्रतिद्वंद्वियों पर वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप

29
0

मुंबई: महाराष्ट्र 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा. इस बार चुनाव में प्रतिद्वंद्वियों पर वंशवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाने वाली पार्टियों के बीच मुकाबला होगा. चुनाव में भाई, चचेरे भाई और पिता-पुत्री मैदान में होंगे, जबकि कुछ सीटों पर एक ही परिवार के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ चुनौती पेश करेंगे.
इतना ही नहीं एक निर्वाचन क्षेत्र में पति-पत्नी आमने-सामने होंगे, एक अन्य सीट पर चाचा-भतीजा एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरे हैं. पवारों के बीच इस बेहद अहम मुकाबले में, शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (शरद पवार) के उम्मीदवार और पहली बार चुनाव लड़ रहे युगेंद्र पवार बारामती सीट पर एनसीपी का प्रतिनिधित्व करने वाले अपने चाचा और उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुकाबला करेंगे.
चाचा-भतीजे का मुकाबला
पवार परिवार के बीच भी इस बार की कड़ी टक्कर होने जा रही है. शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी (सपा) के उम्मीदवार युगेंद्र पवार बारामती सीट पर अपने चाचा और एनसीपी के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुकाबला करेंगे. अजित पवार ने बारामती विधानसभा चुनाव में सात बार जीत दर्ज की है और एक बार बारामती संसदीय सीट भी जीती है.
यह दूसरी बार है जब पवार परिवार के गढ़ बारामती में परिवार के भीतर मुकाबला देखने को मिलेगा. इससे पहले 2024 के लोकसभा चुनाव में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को बारामती संसदीय सीट पर उनकी चचेरी बहन और एनसीपी (सपा) नेता सुप्रिया सुले ने हराया था.
अजित पवार के भतीजे रोहित पवार मैदान में
पड़ोसी करजत-जामखेड में अजित पवार के एक और भतीजे रोहित पवार एनसीपी (शरद परवार) उम्मीदवार के तौर पर भाजपा के राम शिंदे के खिलाफ मैदान में हैं. रोहित पवार शरद पवार के पोते हैं.