मुंबई. शिव सेना शिंदे गुट से भाऊसाहेब कांबले को उम्मीदवार बनाया गया है. हालांकि, संरक्षक मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने घोषणा की है कि राष्ट्रवादी अजीत पवार समूह के लहु कनाडे श्रीरामपुर विधानसभा क्षेत्र से महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार हैं, लेकिन शिंदे ने अपने उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करने का ऐलान किया है.
महाराष्ट्र में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है. राज्य में किसकी सरकार बनेगी? मतदाता किसके पक्ष में वोट करेंगे. इसकी उत्सुकता चरम पर पहुंच गयी है. महाराष्ट्र में पहली बार जटिल राजनीतिक स्थिति पैदा हुई है. दो प्रमुख दलों में विभाजन के बाद यह पहला विधानसभा चुनाव है. इन सबकी पृष्ठभूमि में देखा गया कि इस चुनाव में महायुति और महाविकास अघाड़ी में कई लोगों ने बगावत कर दी. इन विद्रोहियों ने पहले ही महायुति और महाविकास अघाड़ी के घटक दलों का सिरदर्द बढ़ा दिया है. इस बीच, सीएम एकनाथ शिंदे के फैसले से महायुति की टेंशन बढ़ गई है.
बात श्रीरामपुर विधानसभा क्षेत्र की है. श्रीरामपुर में एनसीपी अजित पवार समूह से लहु कनाडे उम्मीदवार हैं, जबकि उसी निर्वाचन क्षेत्र में शिवसेना के शिंदे समूह ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है.
शिंदे और अजित गुट के उम्मीदवार आमने-सामने
शिव सेना शिंदे गुट से भाऊसाहेब कांबले को उम्मीदवार बनाया गया है. हालांकि, संरक्षक मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने घोषणा की है कि राष्ट्रवादी अजीत पवार समूह के लहु कनाडे श्रीरामपुर विधानसभा क्षेत्र से महायुति के के आधिकारिक उम्मीदवार हैं.
इसके बावजूद अब जानकारी सामने आ रही है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे इस निर्वाचन क्षेत्र में अपने उम्मीदवार भाऊसाहेब कांबले के समर्थन में सभा करेंगे. यह जानकारी शिवसेना के राज्य सचिव भाऊसाहेब चौधरी ने दी है. लेकिन इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पालक मंत्री विखे पाटिल ने संकेत दिया है कि इस निर्वाचन क्षेत्र में दोस्ताना मुकाबला होगा.
सीएम शिंदे पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में करेंगे सभा
विखे पाटिल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद मुझसे कहा कि भाऊसाहेब कांबले का आवेदन वापस ले लिया जाएगा. मैंने भाऊसाहेब कांबले को इसके बारे में बताया. लेकिन बाद में क्या हुआ पता नहीं. अगर भाऊसाहेब कांबले खड़े होते हैं तो दोनों महायुति उम्मीदवारों के बीच दोस्ताना मुकाबला होगा. लेकिन मुझे मुख्यमंत्री और देवेन्द्र फडणवीस ने सूचित किया कि सीट राकांपा को दे दी गई है.
उन्होंने कहा कि इसलिए मैंने घोषणा कर दी है कि कनाडे ही महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार हैं. लेकिन मुख्यमंत्री को यह सोचना चाहिए कि भाऊसाहेब कांबले उनके उम्मीदवार हैं. उन्हें निर्णय लेने का अधिकार है. विखे पाटिल ने कहा है कि मुझे नहीं लगता कि महायुति पर कोई असर पड़ेगा, भले ही दो उम्मीदवार हों, जनता महायुति उसके साथ है.





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