सांगली : प्रकाश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च कॉलेज द्वारा छात्रों से अधिक फीस लेने के कारण फीस विनियामक प्राधिकरण (एफआरए) के सूची से हटाने को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। कॉलेज पर छात्रों से एफआरए द्वारा स्वीकृत फीस से अधिक फीस वसूलने का आरोप है। कॉलेज ने वेबसाइट पर अपने संस्थागत कोटा सीटों के लिए प्रत्येक छात्रों से प्रति वर्ष 10 लाख 50 हजार रुपए फीस लेना प्रदर्शित किया था। जबकि छात्रों से प्रति वर्ष 16 लाख रुपए लिए जाने का आरोप है। अदालत 20 जनवरी को कॉलेज की याचिका पर सुनवाई कर सकता है। महाराष्ट्र के स्टेट कॉमन एंट्रेंस टेस्ट सेल के माध्यम से कॉलेज के डॉक्टर ऑफ मेडिसिन और मास्टर ऑफ सर्जरी (एमडी/एमएस) की सीटें आवंटित किए गए कई छात्रों ने एफआरए से शिकायत किया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज ने शुरू में अपनी वेबसाइट पर संस्थागत कोटा सीटों के लिए छात्रों से प्रति वर्ष 10 लाख 50 हजार रुपए फीस प्रदर्शित किया था। प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद कॉलेज ने कथित तौर पर फीस को संशोधित कर 16 लाख रुपए प्रति वर्ष कर दिया। इस विसंगति ने छात्रों को मुश्किल स्थिति में डाल दिया, जिससे कई छात्रों को एफआरए से स्पष्टीकरण मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा।
एफआरए ने छात्रों को उनके द्वारा अनुमोदित शुल्क का भुगतान करने का निर्देश दिया, लेकिन कॉलेज ने कथित तौर पर प्रवेश देने से इनकार कर दिया। एफआरए ने कॉलेज को प्रभावित छात्रों को मूल रूप से प्रदर्शित ₹10 लाख 50 हजार रुपए प्रति वर्ष की फीस लेकर प्रवेश देने का निर्देश दिया। एफआरए ने सांगली मेडिकल कॉलेज पर कार्रवाई करते हुए उसकी सूची से निकाल दिया है।





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