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मरीजों को दवाइयों का संकट झेलना पड़ सकता; वितरकों का लगभग 120 करोड़ रुपए का भुगतान चार महीने से बकाया

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मुंबई : मनपा के मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों, उपनगरीय अस्पतालों और डिस्पेंसरियों को दवा आपूर्ति करने वाले वितरकों का लगभग 120 करोड़ रुपए का भुगतान चार महीने से बकाया है। बकाया भुगतान न होने के कारण वितरकों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। परिणामस्वरूप, वितरकों ने अब मुंबई मनपा को चेतावनी दी है कि यदि तुरंतभुगतान नहीं किया गया तो वे 13 जनवरी से दवाओं की आपूर्ति बंद कर देंगे।आपूर्ति बंद होने से मनपा अस्पतालों में मरीजों को दवाइयों का संकट झेलना पड़ सकता है। मुंबई मनपा ने बीते वर्ष मेडिकल कॉलेजों, उपनगरीय अस्पतालों, प्रसूति वार्डों और डिस्पेंसरियों में जीरो प्रिस्क्रिप्शन पॉलिसी योजना के कार्यान्वयन की घोषणा की थी जो अब तक सिर्फ कागजों पर ही सीमित रह गई है। दूसरी तरफ मनपा अस्पतालों में दवा आपूर्ति करनेवाले ठेकेदारों का करीब 120 करोड़ रुपए का भुगतान पिछले चार महीने से लंबित है। इस बकाए को लेकर ठेकेदार प्रशासन से बार-बार पत्राचार कर रहे हैं लेकिन प्रशासन इसे अनदेखा कर रहा है। अब अपने बकाए को लेकर इन ठेकेदारों ने कड़ा रुख अपनाया है। इस बकाए को लेकर दवाओं की आपूर्ति सोमवार 13 जनवरी से बंद करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर ऑल फूड एंड ड्रग लाइसेंस होल्डर्स फाउंडेशन ने मुंबई मनपा आयुक्त भूषण गगरानी को पत्र भी भेजा है।
दवा ठेकेदारों द्वाराभेजे गए पत्र मिलने की पुष्टि मनपा उपायुक्त (स्वास्थ्य) संजय कुराहडे ने की है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी हासिल करने का काम किया जा रहा है। अभय पांडे, अध्यक्ष, ऑल फूड एंड ड्रग लाइसेंस होल्डर्स फाउंडेशन के मुताबिक दवाइयों के बिल का भुगतान न होने के कारण दवा वितरकों के आगे आर्थिक संकट है। इसलिए मुंबई मनपा आयुक्त भूषण गगरानी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर तत्काल भुगतान करने का अनुरोध किया गया है। अन्यथा 13 जनवरी से अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।