मुंबई, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के 27 बीएमसी अस्पतालों में दवाओं की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर दी गई है। चिंता की बात यह है कि सिर्फ तीन-चार दिन का ही स्टॉक बचा हुआ है, जिसके बाद मरीजों को दवाओं की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
ऑल फूड एंड ड्रग लाइसेंस होल्डर्स फाउंडेशन के अध्यक्ष अभय पांडेय ने बताया कि बीएमसी पर 48 आपूर्तिकर्ताओं का लगभग 120 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक बीएमसी सभी बकाया भुगतान नहीं कर देती, तब तक दवाओं की आपूर्ति बंद रहेगी।
अभय पांडेय ने आईएएनएस से कहा, “हमारे संगठन ऑल फूड्स एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर्स फाउंडेशन के अध्यक्ष के रूप में मैं यह बताना चाहता हूं कि हमारे सप्लायरों का बीएमसी पर 120 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें ईएमडी (अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट) और विजिलेंस डिपॉजिट भी शामिल हैं। इसके अलावा, हमारी नियमित आपूर्ति का पैसा पिछले छह महीने से लंबित है। इस कारण से हम सभी ने एक बैठक की और फैसला लिया कि जब तक हमें हमारे बकाया पैसे नहीं मिलते, हम बीएमसी के 27 अस्पतालों को दवाओं की आपूर्ति रोक देंगे।”
उन्होंने कहा, “हमारी संस्था के 150 से अधिक सदस्य हैं, जो बीएमसी को दवाओं की आपूर्ति करते हैं, जिनमें से 48 से अधिक लोग ऐसे हैं जिनके बड़े बकाए लंबे समय से बाकी हैं। इनमें बांद्रा और कुर्ला के कई अस्पताल शामिल हैं। बीएमसी ने हमें आश्वासन दिया है कि भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अगले एक सप्ताह में बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।”
उन्होंने कहा, “हमने बीएमसी से कहा है कि वह हमें एक लिखित आश्वासन दें, ताकि हम इस पर विचार कर सकें। बीएमसी ने हमें कहा कि अगर भुगतान प्रक्रिया शुरू हो गई है तो हम अपनी आपूर्ति फिर से शुरू कर सकते हैं। हम सकारात्मक हैं और आशा करते हैं कि बीएमसी हमें जल्द से जल्द भुगतान करेगा, ताकि हम अपनी आपूर्ति फिर से शुरू कर सकें।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान में आपूर्ति पूरी तरह से बंद है। हम नहीं चाहते कि किसी मरीज को कठिनाई का सामना करना पड़े। हमारी संस्था की प्राथमिकता हमेशा मरीजों की भलाई रही है, लेकिन जब भुगतान नहीं होता है, तो हमें यह कठोर निर्णय लेना पड़ता है। पिछले चार साल से हमारे पैसे फंसे हुए हैं और नियमित आपूर्ति के लिए भी तीन से छह महीने से भुगतान लंबित है। हमने विभिन्न स्तरों पर प्रयास किया है, लेकिन जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तब यह कदम उठाना पड़ा। हम आशा करते हैं कि जल्द ही हमें भुगतान मिल जाएगा। अगर यह स्थिति बनी रही तो हम और विकल्प तलाशेंगे। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मरीजों को किसी भी दवा की कमी न हो, और हमारे बकाए पैसे मिलें, ताकि हम अपनी आपूर्ति फिर से शुरू कर सकें।





Users Today : 4
Users Yesterday : 12
Users Last 7 days : 88
Users Last 30 days : 289
Users This Month : 40
Users This Year : 2822
Total Users : 64029
Views Today : 4
Views Yesterday : 12
Views Last 7 days : 101
Views Last 30 days : 387
Views This Month : 46
Views This Year : 3361
Total views : 99384
Who's Online : 0


