मुंबई: लगभग 14000 करोड़ रुपये खर्च कर बने कोस्टल रोड पर क्रैक का मामला सामने आया है। हाजी अली और वर्ली के बीच कोस्टल रोड पर बने क्रैक को बीएमसी ने डामर (अस्फाल्ट) से भरा है। कोस्टल रोड पर पैच का वीडियो सामने आने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने राज्य की मुख्य सचिव से जानकारी मांगी है। वहीं, राज्य सरकार ने भी बीएमसी से इस संबंध में पूछा है। क्रैक को लेकर बीएमसी को सफाई देनी पड़ी है। बीएमसी का कहना है कि हाजी अली पुल के उत्तर की ओर जाने वाली रोड पर डामरीकरण का काम मॉनसून से पहले पूरा हो गया था, हालांकि अगले दिनों में जोड़ों पर कुछ क्रैक हुए।
मॉनसून के दौरान क्रैक को रोकने के लिए मास्टिक डामर का उपयोग करके अस्थायी मरम्मत की गई थी। अतिरिक्त डामर लगाने के कारण कई स्थानों पर सड़क उबड़-खाबड़ हो गई, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। इन पैचों को आवश्यकतानुसार लेबल किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार एक नई डामर की परत जल्द ही लगाई जाएगी। स्थायी और टिकाऊ समाधान सुनिश्चित करने के लिए योजना बनाई जा रही है।
26 जनवरी को खोला गया था कोस्टल रोड
बता दें कि 26 जनवरी को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में कोस्टल रोड को पूरी क्षमता के साथ खोला गया है। मरीन ड्राइव से वर्ली तक बने 10.58 किमी लंबे कोस्टल रोड को राज्य सरकार और बीएमसी ने मुंबई में ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए गेम चेंजर बताया है। लेकिन जिस तरह रोड पर क्रैक का मामला सामने आया है, उससे बीएमसी की काफी किरकिरी हो रही है।
कोस्टल रोड की खासियत
- 8 लेन का फ्री-वे है कोस्टल रोड
- 70 % समय और 34 % ईंधन की बचत होगी वाहन चालकों की
- 10.58 किमी है कोस्टल रोड की लंबाई
- 2.07 किमी लंबी टनल है मरीन ड्राइव से प्रियदर्शिनी पार्क तक





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