मुंबई : २२ वर्षीय सार्थक जंगम की मौत ने एक बार फिर मुंबई की सड़कों पर बेस्ट बस ड्राइवरों की लापरवाही और अपर्याप्त प्रशिक्षण को उजागर किया है। यह घटना प्रभादेवी में रात करीब ९ बजे हुई, जब एक बेस्ट बस ने रूट नंबर १७१ पर जंगम की बाइक को टक्कर मार दी और उसे रौंद डाला। जंगम, जो एक डिलिवरी एक्जीक्यूटिव था, अपने काम से वापस लौट रहा था, लेकिन बस चालक ने गाड़ी को लापरवाही से चलाया, जिससे यह हादसा हुआ। बस चालक के घटना स्थल से फरार हो जाने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है।
कुर्ला का वह भयावह हादसा
९ दिसंबर २०२४ को कुर्ला में बेस्ट की एक इलेक्ट्रिक बस ने नियंत्रण खो दिया और भीड़ में घुस गई। इस दुर्घटना में २२ वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे, ३७ लोग घायल हुए थे और ९ लोगों की मौत हो गई थी। ड्राइवर संजय मोरे ने दावा किया कि उसने गलती से एक्सेलेटर दबाया था, लेकिन जांच में पाया गया कि अपर्याप्त प्रशिक्षण ही मुख्य कारण था।
हादसों का सिलसिला
१६ दिसंबर २०२४ को गोवंडी में २७ वर्षीय दीक्षित राजपूत को एक बेस्ट बस ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। फिर ११ फरवरी २०२५ को पवई में २१ वर्षीय राज बोबड़े की स्कूटी फिसलने के बाद बेस्ट बस ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई और उसके पिता घायल हो गए। सबसे दिल दहला देने वाली घटना ७ अप्रैल २०२५ को बोरीवली में हुई, जहां एक ३ साल की बच्ची महक खातून शेख को बेस्ट बस ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इन घटनाओं से यह साफ हो गया है कि बेस्ट बस ड्राइवरों को प्रभावी प्रशिक्षण की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही से भरी घटनाएं न हों। इन हादसों से यह सवाल उठता है कि जब तक ऐसी घटनाओं के बाद प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक नागरिकों की सुरक्षा को खतरा बना रहेगा।





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