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आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप; सिर्फ अनैतिक संबंध के लिए कार्रवाई नहीं की जा सकती; उच्च न्यायालय ने सुनाया फैसला

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नागपुर : अहम फैसला: आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में किसी व्यक्ति के खिलाफ सिर्फ इसलिए कार्रवाई नहीं की जा सकती क्योंकि आत्महत्या करने वाली महिला के साथ उसके अनैतिक संबंध थे। उच्च न्यायालय, नागपुर। न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के और न्यायमूर्ति नंदेश देशपांडे की पीठ ने एक मामले में यह फैसला सुनाया।
गोंदिया जिले के सालेकसा पुलिस स्टेशन में कार्यरत ड्राइवर प्रवीण बोरकर का एक साथी महिला पुलिस कांस्टेबल के साथ अनैतिक संबंध था। इसी के चलते महिला पुलिस कांस्टेबल ने 9 दिसंबर, 2021 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसी आधार पर बोरकर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया। इसके खिलाफ बोरकर ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।