मुंबई : इसी साल मई महीने में वडाला ट्रक टर्मिनल पुलिस को मुंबई पुलिस कॉन्स्टेबल (52) की लाश मिली। लाश लहूलुहान थी। घटनाक्रम किसी हादसे में मौत का लग रहा था। पुलिस कॉन्स्टेबल की हादसे में मौत की रिपोर्ट हुई। हालांकि जब पोस्टमॉर्टम हुआ तो भी पुलिस को कुछ खास पता नहीं चला। मामले में पुलिस ने आगे की जांच शुरू की तो चार महीने बाद चौंकानेवाले खुलासे हुए। सामने आया कि पुलिस कॉन्स्टेबल को उसकी ही पत्नी और बेटे ने पीट-पीटकर घायल किया था। उसके बाद उसे इस तरह से छोड़ा कि मामला हादसे में मौत का लगे। पुलिस ने कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि स्मिता सूर्यवंशी (38) और प्रतीक सूर्यवंशी (20) को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
शिवाजी नगर थाने में थे तैनात
पुलिस ने बताया कि कॉन्स्टेबल की मौत सायन (पूर्व) स्थित प्रतीक्षानगर पुलिस अधिकारी कॉलोनी में हुई। सूर्यवंशी अपनी पत्नी और बेटे के साथ यहीं रहते थे। वह शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में तैनात थे। इसके बाद, आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।
सूर्यवंशी के भाई ने दिया हिंट
जांच के दौरान, प्रवीण के भाई और अन्य रिश्तेदारों ने दावा किया कि उनकी मृत्यु आकस्मिक नहीं थी, बल्कि उनकी पत्नी स्मिता सूर्यवंशी और बेटे प्रतीक के साथ लंबे समय से चल रहे आर्थिक विवाद का परिणाम थी। मृतक कांस्टेबल की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसके शरीर पर 38 चोटों के कारण रक्तस्राव और सदमे के कारण उसकी अप्राकृतिक मृत्यु हुई थी।
भाई को एटीएम देने को लेकर हुआ विवाद
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आगे की जांच से पता चला कि जिस दिन कॉन्स्टेबल की मृत्यु हुई, उस दिन उसकी पत्नी और बेटे ने शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन के बाहर उसका विरोध किया और घर जाने के बाद, उन्होंने उसके साथ मारपीट की। उनकी पत्नी के बीच इस बात को लेकर झगड़ा हुआ था कि सूर्यवंशी ने अपना एटीएम कार्ड धुले में रहने वाले अपने बड़े भाई को दे दिया था।
आरोप है कि कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटे ने उन्हें पीटा। दोनों ने बयान में बताया कि सूर्यवंशी ने खुद कांच की खिड़की पर अपना हाथ पटका जिससे उनको चोट आई। दोनों उन्हें अस्पताल ले जाने की बजाए, वहां छोड़कर चले गए। एक अधिकारी ने कहा कि हमें एक सुसाइड नोट मिला जिसमें उसने लिखा था कि उसके कृत्य के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं है। हालांकि पुलिस को संदेह है कि यह सुइसाइड नोट भी स्मिता और प्रतीक ने लिखा होगा। और इसके आधार पर हमने आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की।





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