मुंबई : छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत के एविएशन सेक्टर में डिजिटल बदलाव की नई इबारत लिख रहा है. एयरपोर्ट प्रशासन ने नई तकनीक की मदद से 360 डिग्री रणनीति अपनाकर इसे फ्यूचर रेडी गेटवे में बदल दिया है. यात्री बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन, सेल्फ बैगेज ड्रॉप और कॉमन यूज सेल्फ चेक-इन जैसी डिजिटल सेल्फ सर्विस का दिल खोलकर इस्तेमाल कर रहे हैं. पिछले 16 महीने के आंकड़े इसके गवाह हैं. इसमें डेटा आधारित गतिविधियों, मोबाइल फर्स्ट फैसलों और रियल टाइम तालमेल का बड़ा योगदान है.
38 लाख यात्रियों ने किया सेल्फ चेक-इन
छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सेल्फ-चेक-इन कियोस्क यात्रियों को काउंटर पर इंतजार किए बिना खुद चेक-इन करने, बोर्डिंग पास प्रिंट करने, बैगेज टैग जेनरेट करने और सीट बदलने की सुविधा प्रदान करते हैं.
अप्रैल 2024 से लेकर अगस्त 2025 के बीच 38.6 लाख से अधिक यात्रियों ने इन कियोस्क का इस्तेमाल करके अपने बोर्डिंग पास प्रिंट किए.भारतीय एयरलाइंस में इंडिगो (25.8 लाख), एयर इंडिया (10.9 लाख) और एयर इंडिया एक्सप्रेस (53,301) के यात्रियों ने सबसे ज्यादा बोर्डिंग पास निकाले.इंटरनेशनल एयरलाइंस में एयर फ्रांस (90,902), अमीरात (18,356) और लुफ्थांसा (18,017) के यात्रियों ने भी बढ़-चढ़कर इसका उपयोग किया.2025 में सिर्फ अगस्त के महीने में ही सेल्फ चेक-इन कियोस्क से 2,64,414 बोर्डिंग पास प्रिंट किए गए, जो अप्रैल 2024 की तुलना में लगभग 41.84% अधिक हैं.
20 सेकंड में सेल्फ बैगेज चेक-इन
छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सेल्फ बैगेज ड्रॉप की 32 यूनिटें हैं. अप्रैल 2024 और अगस्त 2025 के बीच, इनके इस्तेमाल में भी बढ़ोतरी देखी गई. इस दौरान करीब 7.15 लाख बैग SBD मशीनों से प्रोसेस किए गए. इनकी मदद से चेक-इन प्रक्रिया औसतन 17 से 20 सेकंड में ही पूरी हो गई.
इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी घरेलू एयरलाइंस के यात्रियों ने SBD यूनिटों से लगभग 6 लाख बैग चेक-इन किए.इंटरनेशनल एयरलाइंस जैसे KLM, एयर फ्रांस, अमीरात, लुफ्थांसा और स्विस एयरवेज ने कुल 70 हजार से अधिक बैग चेक-इन किए.अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों में SBD अपनाने की मासिक दर अप्रैल 2024 में 4.15% थी, जो अगस्त 2025 तक बढ़कर 13.9% से अधिक हो गई. घरेलू यात्री भी खुद अपना बैगेज ड्रॉप कर रहे हैं. इसकी दर अप्रैल 2024 के 5.26% से बढ़कर अगस्त 2025 में 6.28% हो चुकी है.
डिजीलॉकर, डिजीयात्रा से एंट्री आसान
CSMIA के दोनों टर्मिनलों पर लगे 46 डिजीयात्रा इनेबल्ड ई-गेट और 40 फेस पॉड्स बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को सपोर्ट करते हैं. इससे टर्मिनल में एंट्री, सिक्योरिटी और बोर्डिंग गेटों पर पेपरलेस तरीके से तेज क्लीयरेंस मिलता है. हर चेकपॉइंट पर औसतन 2 से 3 सेकंड का समय ही लगता है.
अप्रैल 2024 से अगस्त 2025 के बीच एयरपोर्ट पर 63 लाख से अधिक यात्रियों ने डिजीयात्रा का इस्तेमाल किया.महीनावार देखें तो डिजीयात्रा अपनाने की दर अप्रैल 2024 के 12% से बढ़कर अगस्त 2025 में 32% हो चुकी है.
एडवांस एयरपोर्ट ऑपरेशन कमांड सेंटर
इस डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने में अदाणी एयरपोर्ट्स के आधुनिक AOCC और मोबाइल फर्स्ट AI पावर्ड प्लेटफॉर्म aviio का बड़ा योगदान है. एडवांस डिजिटल सिस्टम से लैस नई जेनरेशन का AOCC संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल करके दक्षता बढ़ाता है. उच्च क्षमता की तस्वीरें, रियल टाइम डेटा और एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम एयरपोर्ट प्रशासन को रुटीन कामकाज और इमरजेंसी में भी अभूतपूर्व दक्षता से काम करने में सक्षम बनाता है.
रोबोट से सफाई, स्मार्ट वॉशरूम
इतना ही नहीं, एयरपोर्ट पर साफ-सफाई के लिए ऑटोमैटिक क्लीनिंग रोबोट तैनात किए गए हैं, जो स्वच्छता और यात्रियों की अच्छी सेहत में योगदान दे रहे हैं. आने वाले समय में एयरपोर्ट पर स्मार्ट वॉशरूम होंगे. सभी टर्मिनलों पर सुविधाओं को एआई और मशीन लर्निंग की मदद से बेहतर बनाया जाएगा. CSMIA यात्रियों को ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुरूप सुचारु और सुरक्षित यात्रा प्रदान करने के लिए स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर में काफी निवेश कर रहा है.





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