Home Crime नई मुंबई में अनधिकृत संपत्तियों की रजिस्ट्री करनेवाले गिरोह का पर्दाफाश!

नई मुंबई में अनधिकृत संपत्तियों की रजिस्ट्री करनेवाले गिरोह का पर्दाफाश!

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मुंबई : ठाणे जिले सहित नई मुंबई के विभिन्न उपनगरों में बड़ी संख्या में अवैध निर्माणों को बढ़ावा देनेवाला एक बड़ा गिरोह सह-पंजीयक कार्यालय में भी सक्रिय है। यह गिरोह इमारतों के अवैध फ्लैटों का पंजीकरण करने का काम कर रहा था। इस गिरोह में राजनीतिक नेताओं, अधिकारियों, दलालों और भू-माफियाओं का भी समावेश बताया जाता है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नई मुंबई के सबसे बड़े कोपरखैरणे स्थित सह-उप-पंजीयक कार्यालय में मात्र दस दिनों में ८४२ अनधिकृत फ्लैटों को पंजीकृत किया गया था। इस घोटाले का पर्दाफाश जांच के बाद हुआ है। जांच में घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद राजस्व विभाग के अवर सचिव विनायक लवटे ने सह-उप-पंजीयक राजकुमार दहिफले को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया।
गौरतलब हो कि कल्याण, डोंबिवली और ठाणे शहर में अवैध इमारतों के लिए फर्जी रेरा प्रमाणपत्र तैयार किए जाने का मामला पहले ही सामने आ चुका था। इसके बाद अब नई मुंबई में अवैध इमारतों में फ्लैटों के पंजीकृत करने और उन्हें वैध दिखाने का यह बड़ा घोटाला सामने आया है।
विवादों में आने के बाद कोपरखैरणे कार्यालय नई मुंबई मनपा और सिडको ने नगर नियोजन अधिनियम-१९६६ के तहत अवैध निर्माणों वाली संपत्तियों के पंजीकरण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी पंजीकृत कार्यालय में दलालों और अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों रुपए के कथित लेन-देन करके दस्तावेजों का पंजीकरण किया जा रहा था। इससे आम घर खरीदार ठगी का शिकार हो रहे थे। बैंकों से कर्ज लेकर फ्लैट खरीदने वाले नागरिकों को मनपा से नोटिस मिलने के बाद इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ। बताया जाता है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के पदाधिकारी अशोक सूर्यवंशी ने राजस्व विभाग को इस घोटाले की जानकारी दी थी। इसके बाद उप महानिरीक्षक राहुल मुंडके ने जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच में पता चला कि प्रतिबंध के बावजूद नियमों का उल्लंघन करके अनधिकृत निर्माणों का पंजीकरण किया जा रहा था। इस कार्यालय में आमतौर पर हर महीने ७०० से ८३५ दस्तावेज पंजीकृत होते थे, लेकिन जून में १,५१३ दस्तावेज पंजीकृत होने से संदेह पैदा हो गया। अंतत: इस मामले की जांच हुई। जांच के बाद यह खुलासा हुआ कि १० दिनों में ८४२ अवैध दस्तावेज पंजीकृत किए गए थे।